सबरीमाल विवाद, महिला के मंदिर में प्रवेश को लेकर हुआ विवाद

सबरीमाल विवाद, महिला के मंदिर में प्रवेश को लेकर हुआ विवाद

एक बार फिर से सबरीमाल मंदिर पर हुआ विवाद, कैमरापर्सन हुआ घायल

Jantantra Tv Desk

November 6,2018 02:21

केरल के सबरीमाला मंदिर में काफी लंबे समय से विरोध चल रहा है और जिस तरह से यह विरोध प्रदर्शन दिन बा दिन उग्र रूप लेता जा रहा है उसे देखकर यही लगता है कि यह विरोध काफी लंबे समय तक चल सकता है।  बता दें कि इस मंदिर में 10 से 50 साल तक की उम्र की महिलाओं का मंदिर में प्रवेश वर्जित है, और महिलाओं ने इस मंदिर में प्रवेश को लेकर जंग छेड़ दी है। जिसके बाद से ये विवाद चलता ही रहा है।

बता दें की कोर्ट ने केरल के सबरीमाला मंदिर में महिलाओं को जाने की अनुमति दे दी थी लेकिन वहां पर रहने वाले लोगों को कोर्ट का ये फैसला मंजूर नहीं था और कोर्ट के आदेश के बाद भी उन्होंने महिलाओं को मंदिर में नहीं जाने दिया। हाल ही में आज सुबह ही मंदिर में ताज़ा प्रदर्शन हुआ दरअसल आज सुबह खबर फैल गई की 10-50 साल की उम्र की कोई महिला मंदिर में जाने की कोशिश कर रही है। इस खबर के फैलते ही लोगों ने प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। आपको बता दें की बाद में ये बात साफ़ हो गयी की महिला 52 साल की ही थीं।

प्रदर्शन में पत्रकारों पर हुआ हमला

महिला के प्रवेश की खबर पर हुए प्रदर्शन के बीच पत्रकारों पर पंबा बेस कैंप पर हमला किया गया। जिसमें एक कैमरा पर्सन घायल हो गया। आपकों बता दें की सोमवार को इस इलाके में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मंदिर परिसर में कमांडो की टीम और सुरक्षाबलों को तैनात किया गया था।

 

क्या है मंदिर का इतिहास

शबरीमाला, केरल के पेरियार टाइगर अभयारण्य में स्थित एक प्रसिद्ध हिन्दू मन्दिर है। यहाँ विश्व की सबसे बड़ी वार्षिक तीर्थयात्रा होती है जिसमें प्रति वर्ष लगभग करोड़ श्रद्धालु सम्मिलित होते हैं।

केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम से 174 किमी की दूरी पर पंपा है और वहाँ से चार-पांच किमी की दूरी पर पश्चिम घाट से सह्यपर्वत शृंखलाओं के घने वनों के बीच, समुद्रतल से लगभग 1000 मीटर की ऊंचाई पर शबरीमला मंदिर स्थित है।

शबरीमला शैव और वैष्णवों के बीच की अद्भुत कड़ी है। मलयालम में शबरीमलाका अर्थ होता है, पर्वत। वास्तव में यह स्थान सह्याद्रि पर्वतमाला से घिरे हुए पथनाथिटा जिले में स्थित है। पंपा से सबरीमला तक पैदल यात्रा करनी पड़ती है। यह रास्ता पांच किलोमीटर लम्बा है।

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