बीजेपी ने किया साफ , आखिर क्यों इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज किया गया ?

बीजेपी ने किया साफ , आखिर क्यों इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज किया गया ?

इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज किए जाने की घोषणा का भारतीय जनता पार्टी ने स्वागत किया है। पार्टी की तरफ से कहा गया है कि सीएम योगी का यह फैसला स्वाग

Jantantra Tv Desk

October 15,2018 01:48

नई दिल्ली। गंगा-यमुना की संगम नगरी इलाहाबाद का नाम बदले जाने की चर्चा पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को कहा कि जल्द ही इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज किए जाने का प्रयास चल रहा है। बता दें कि इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज किए जाने की घोषणा का भारतीय जनता पार्टी ने स्वागत किया है। पार्टी की तरफ से कहा गया है कि सीएम योगी का यह फैसला स्वागत योग्य है। लाखों-करोंड़ों लोगों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया है।     

बीजेपी प्रवक्ता डॉ मनोज मिश्र ने कहा कि देश के लोगों में इलाहाबाद सदैव प्रयागराज ही है। मुख्यमंत्री की घोषणा लाखों करोड़ों हिन्दुओं की भावनाओं की अभिव्यक्ति है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं ने कभी भी इलाहाबाद का नाम स्वीकार नहीं किया, उसके लिए यह तीर्थराज प्रयागराज ही है। योगी सरकार प्रयाग में होने वाले कुम्भ की तैयारी बहुत अच्छे से कर रही है।  यह सरकार धर्म के क्षेत्र में तथा धार्मिक पर्यटन में भी ऐतिहासिक काम कर रही है।

इससे पहले यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को कहा कि "मुझे लगता है कि राज्यपाल महोदय ने भी इस पर अपनी सहमति दी है। जब हम प्रयाग की बात करते हैं तो जहां दो नदियों का संगम होता है, वह अपने आप में एक प्रयाग हो जाता है। आपको उत्तराखंड में विष्णु प्रयाग, देव प्रयाग, रुद्र प्रयाग, देव प्रयाग, कर्ण प्रयाग देखने को मिलेंगे।" मुख्यमंत्री ने कहा, "हिमालय से निकलने वाली दो देव तुल्य पवित्र नदियां- गंगा और यमुना का संगम इस पावन धरती पर होता है तो स्वभाविक तौर पर यह सभी प्रयागों का राजा है, इसलिए यह प्रयागराज कहलाता है। हमने उनकी इस बात का समर्थन किया है और हमारा प्रयास होगा कि बहुत जल्द हम इस नगर का नाम प्रयागराज करें।"

गौरतलब है कि योगी आदित्यनाथ की अगुवाई वाली उत्तर प्रदेश सरकार पहले ही प्रयागराज मेला प्राधिकरण का गठन कर चुकी है। उन्होंने बताया कि कुंभ में पहली बार श्रद्धालुओं को किले के भीतर अक्षयवट वृक्ष और सरस्वती कूप के भी दर्शन होंगे।         

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