राफेल डील को मिली वायुसेना से क्लीन चिट, कहा- राफेल सौदे में मिले कई फायदे

राफेल डील को मिली वायुसेना से क्लीन चिट, कहा-  राफेल सौदे में  मिले कई फायदे

 वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल बी एस धनोआ ने बुधवार को कहा कि यह सौदा ‘‘अच्छा पैकेज’’ है और विमान उपमहाद्वीप के लिए ‘‘महत्वपूर्ण’’ साबित होगा।

Kamal Gaur

October 5,2018 10:47

नई दिल्ली। राफेल डील को लेकर देश की राजनीति में घमासान मचा हुआ हैं। इस डील को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी लगातार पीएम मोदी और केंद्र सरकार पर हमला बोल रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ बीजेपी की तरफ से भी कांग्रेस पर जोरदार पलटवार किया जा रहा हैं। लेकिन अब इस घमासान के बीच राफेल डील को वायुसेना की तरफ से क्लीन चीट मिल गई हैं। 

दरअसल  वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल बी एस धनोआ ने बुधवार को कहा कि यह सौदा ‘‘अच्छा पैकेज’’ है और विमान उपमहाद्वीप के लिए ‘‘महत्वपूर्ण’’ साबित होगा। उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि दसॉल्ट एविएशन ने ऑफसेट साझेदार को चुना और सरकार तथा भारतीय वायुसेना की इसमें कोई भूमिका नहीं थी। उनका कहना हैं कि , ‘‘राफेल एक अच्छा लड़ाकू विमान है। यह उपमहाद्वीप के लिये काफी महत्वपूर्ण साबित होगा।’’ वायु सेना प्रमुख ने कहा, ‘‘हमें अच्छा पैकेज मिला, हमें राफेल सौदे में कई फायदे मिले।’’ 

वायुसेना प्रमुख ने कहा, ''सरकारों के बीच हुए सौदे के रूप में दो स्क्वाड्रन खरीदने का फैसला किया गया, ताकि इमरजेंसी आवश्यकताओं की पूर्ति की जा सके. एनएएल (HAL) को ToT (तकनीक हस्तांतरण) तथा लाइसेंसयुक्त उत्पादन के लिए शामिल किया गया था. HAL को दरकिनार कर दिए जाने का सवाल ही पैदा नहीं होता. ''उन्‍होंने कहा, ''राफेल और एस-400 एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम के सौदे बूस्टर डोज की तरह हैं. जब भी सरकार इसे मंजूरी दे देगी, 24 महीने के भीतर डिलीवरी हो जाएगी.''

फ्रांस्वा ओलांद के बयान से मचा घमासान

फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद ने कहा है कि राफेल सौदे के लिए भारत सरकार ने अनिल अंबानी की रिलायंस का नाम प्रस्तावित किया था और दैसॉ एविएशन कंपनी के पास दूसरा विकल्प नहीं था. फ्रांस की एक पत्रिका में छपे इंटरव्यू के मुताबिक, ओलांद ने कहा कि भारत सरकार की तरफ से ही रिलायंस का नाम दिया गया था. इसे चुनने में दैसॉ एविएशन की भूमिका नहीं है.  ओलांद ने कहा, 'भारत की सरकार ने जिस सर्विस ग्रुप का नाम दिया, उससे दैसॉ ने बातचीत की. दैसॉ ने अनिल अंबानी से संपर्क किया. हमारे पास कोई विकल्प नहीं था. हमें जो वार्ताकार दिया गया, हमने स्वीकार किया.'

कांग्रेस लगा रही हैं आरोप

कांग्रेस का आरोप है कि मोदी सरकार इस विमान की खरीद 1,670 करोड़ रुपये प्रति विमान की दर पर कर रही है जबकि यूपीए सरकार ने इसके लिए 526 करोड़ रुपये की कीमत को अंतिम रूप दिया था। फ्रांस्वा ओलांद के बयान पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। राहुल गांधी ने कहा है कि पीएम मोदी ने देश के साथ धोखा किया है और उन्होंने सैनिकों के खून का भी अपमान किया है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा है कि, ''पीएम मोदी ने खुद डील में हिस्सा लिया और वह बंद दरवाजों के जरिए राफेल डील में शामिल थे. मैं फ्रांस्वा ओलांद का शुक्रिया करते हूं कि उन्होंने सच बताया कि कैसे करोड़ों डॉलर के सौदे को अनिल अंबानी को दिया गया. पीएम मोदी मे देश के साथ धोखा किया है, यही नहीं उन्होंने सैनिकों के खून का भी अपमान किया है.''

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