राजनीति में यू टर्न के महामहीम रहे चंद्र बाबू नायडू की नायिकी

राजनीति में यू टर्न के महामहीम रहे चंद्र बाबू नायडू की नायिकी

राजनीति में यू टर्न के महामहीम रहे चंद्र बाबू नायडू ने फिर से थामा कांग्रेस का हाथ

Jantantra Tv Desk

November 5,2018 03:03

हमें तो अपनों ने लूटा, गैरों में कहां दम था , अपनी कश्ती भी डूबी वहां जहां पानी कम था। कुछ ऐसा ही सोचेगी बीजेपी अगर आंध्र प्रदेश से चुनावी समीकरण बिगड़े तो, क्योंकि 15 साल के बाद आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री और तेलुगू देशम पार्टी के प्रमुख एन चंद्रबाबू नायडू फिर राष्ट्रीय राजनीति में वापसी करने के लिए तैयार हैं। 69 साल के हो चले नायडू को गठबंधन बनाने में एक तरह से महारथ हासिल है. या यूं कहें कि अगर उनका पोलिटिकल करियर देखें तो राजनीतिक गठजोड़ आपको ज्यादा दिखाई देगा एक और ख़ास बात जो नज़र आती है कि वो कभी किसी एक पार्टी के हो कर नहीं रहे ।

हाल ही में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ हुई बैठक और उसके बाद आगामी चुनाव में कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव लड़ने की बात ने बीजेपी के होश फ़ाख्ता तो कर ही दिये हैं साथ ही कई मुद्दों पर घिरी हुई बीजेपी के लिए मुश्किलें भी पैदा कर दी हैं. पिछले एक-डेढ साल से कई क्षेत्रीय नेता तीसरा मोर्चा बनाने की कोशिशें कर रहे हैं लेकिन इनमें से किसी ने भी नायडू जैसी तत्परता नहीं दिखाई. अगर पुरानी जमी हुई धूल को साफ करें तो जनता को याद आयेगा कि जब साल 2014 में नरेंद्र मोदी के लिए प्रचार किया जा रहा था तो उस दौरान नायडू ने सोनिया गांधी, राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी पर आंध्र प्रदेश के बंटवारे का आरोप लगाया था. फिर आख़िर ऐसा क्या हुआ कि अब नायडू बीजेपी का साथ छोड़कर कांग्रेस में जाने के लिए तैयार हो गए ? नायडू ने ऐसा किया तो इसके पीछे की वजह को टटोलना ज़रा मुश्किल नज़र आता है । दूसरे दल नायडू की इस प्रवृत्ति को 'गिरगिट की तरह रंग बदलने' के तौर पर देखते हैं लेकिन अगर नायडू के लिहाज़ से सोचा जाये तो वो इसे व्यवहार वादिता और लोकतांत्रिक ज़रूरत बताते हैं। 

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