राजधानी में आयोजित प्रतिष्ठित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) समिट उस वक्त विवादों के केंद्र में आ गई, जब यूथ कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम के दौरान शर्ट उतारकर प्रदर्शन किया। इस घटना ने राजनीतिक गलियारों में भूचाल ला दिया है। भारतीय जनता पार्टी ने इस पर कड़ा ऐतराज जताते हुए कांग्रेस को आड़े हाथों लिया है।
बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता व सांसद संबित पात्रा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस घटना पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने कांग्रेस की इस हरकत को न केवल ‘अमर्यादित’ बताया, बल्कि इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि धूमिल करने की साजिश करार दिया।
पात्रा ने कहा, “आज जब मैं प्रेस कॉन्फ्रेंस के लिए आया तो मन में बहुत गुस्सा था, लेकिन मैंने खुद को बड़ी मुश्किल से संभाला। ये आक्रोश सिर्फ बीजेपी प्रवक्ता में नहीं, बल्कि पूरे भारत की GenZ (युवा पीढ़ी) में है। ये बीजेपी बनाम कांग्रेस की लड़ाई नहीं है, बल्कि भारत बनाम उन ताकतों के खिलाफ है जो भारत की छवि को खराब करना चाहती हैं।”
संबित पात्रा ने आरोप लगाया कि यह कोई प्रदर्शन नहीं था, बल्कि एक सोची-समझी साजिश थी। उनके द्वारा साझा किए गए विवरण के अनुसार प्रदर्शनकारी समिट में बाकायदा रजिस्ट्रेशन कराकर और बारकोड लेकर अंदर दाखिल हुए थे। कार्यक्रम के बीच में अचानक उन्होंने अपने कपड़े उतार दिए और नारेबाजी शुरू कर दी। पात्रा ने दावा किया कि इस प्रदर्शन की पूरी रूपरेखा राहुल गांधी और सोनिया गांधी की मौजूदगी में उनके आवास पर तैयार की गई थी।
बीजेपी प्रवक्ता ने कांग्रेस की इस रणनीति पर तंज कसते हुए इसे ‘टॉपलेस, ब्रेनलेस और शेमलेस’ राजनीति का नाम दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब भारत वैश्विक मंच पर तकनीकी महाशक्ति के रूप में उभर रहा है, तब मुख्य विपक्षी दल इस तरह के ‘अपरिपक्व’ प्रदर्शनों से दुनिया को क्या संदेश देना चाहता है? इस घटना के बाद तकनीकी और युवा केंद्रित कार्यक्रमों में सुरक्षा और प्रोटोकॉल को लेकर बहस छिड़ सकती है। वहीं, बीजेपी इस मुद्दे को ‘राष्ट्र के सम्मान’ से जोड़कर कांग्रेस को घेरने की तैयारी में है।




















