कान्हा की नगरी मथुरा में शनिवार की सुबह बड़े हंगामे के साथ हुई। कोसीकलां इलाके के प्रसिद्ध गौ-सेवक चंद्रशेखर, जिन्हें लोग ‘फरसा वाले बाबा’ के नाम से जानते थे, उनकी मौत की खबर से पूरे इलाके में तनाव फैल गया। गुस्से में आई भीड़ ने दिल्ली-आगरा हाईवे जाम कर दिया और पुलिस की गाड़ियों पर पथराव भी किया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस घटना का तत्काल संज्ञान लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दोषियों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाए और क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखी जाए। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिन लोगों ने कानून हाथ में लेकर पथराव और जाम किया, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है।
शनिवार तड़के जैसे ही लोगों को बाबा की मौत की खबर मिली, अफवाह फैल गई कि गौ-तस्करों ने उन्हें ट्रक से कुचलकर मार दिया है। इसके बाद लोग सड़कों पर उतर आए और जमकर नारेबाजी की। बवाल इतना बढ़ा कि पुलिस और एसडीएम की गाड़ियां तक क्षतिग्रस्त हो गईं। पुलिस को हालात संभालने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी।
मथुरा के एसएसपी (SSP) श्लोक कुमार ने इस पूरे मामले की सच्चाई बताई है। जांच के मुताबिक तड़के करीब 3 बजे बाबा ने एक कंटेनर को गौ-तस्कर समझकर रुकवाया था। हालांकि, उस कंटेनर में गौ-वंश नहीं बल्कि किराने का सामान भरा था।
उसी वक्त पीछे से आ रहे एक दूसरे ट्रक ने घने कोहरे के कारण बाबा को टक्कर मार दी। इस हादसे में उनकी जान चली गई। जिस ट्रक ने टक्कर मारी, उसमें लोहे के तार लदे थे और उसके ड्राइवर को भी चोट आई है। पुलिस के मुताबिक, इसमें गौ-तस्करी जैसा कोई मामला नहीं है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस घटना पर संज्ञान लिया है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। फिलहाल हाईवे को खुलवा दिया गया है और स्थिति नियंत्रण में है। पुलिस उन लोगों पर भी कार्रवाई कर रही है जिन्होंने कानून हाथ में लेकर पथराव और जाम किया।
बाबा चंद्रशेखर ब्रज क्षेत्र के एक जाने-माने गौ-रक्षक थे। वे हमेशा अपने हाथ में एक फरसा रखते थे और गायों की रक्षा के लिए हमेशा निडर होकर खड़े रहते थे। क्षेत्र के लोगों के बीच वे काफी लोकप्रिय थे।















