पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की आहट के साथ ही राज्य का राजनीतिक पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) की फायरब्रांड सांसद और अभिनेत्री सायोनी घोष का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद बंगाल की राजनीति में भूचाल आ गया है। इस वीडियो में सयोनी मंच पर ‘काबा इन माई हार्ट एंड मदीना इन माई आईज’ गीत गाती नजर आ रही हैं। भाजपा ने इस वीडियो को मुद्दा बनाते हुए सयोनी के पुराने विवादों की फाइलें खोल दी हैं और इसे ‘हिंदू अस्मिता’ पर सीधा हमला करार दिया है।
भाजपा नेताओं ने सयोनी घोष के उस पुराने और बेहद विवादित सोशल मीडिया पोस्ट को दोबारा साझा करना शुरू कर दिया है, जिसमें उन्होंने शिवलिंग को लेकर कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। भाजपा समर्थकों का कहना है कि जो नेता हिंदू आस्था के प्रतीकों का अपमान करता है, वह आज मुस्लिम वोट बैंक को साधने के लिए मंचों से धार्मिक गीत गा रहा है।
दूसरी ओर, सायोनी घोष और टीएमसी इसे ‘गंगा-जमुनी तहजीब’ और बंगाल की समावेशी संस्कृति बता रहे हैं। टीएमसी का दावा है कि भाजपा हार के डर से सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश कर रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सायोनी घोष का यह अंदाज बंगाल चुनाव में भाजपा के लिए खाद-पानी का काम कर सकता है। भाजपा इसे ‘तुष्टिकरण की राजनीति’ का सबसे बड़ा उदाहरण बताकर ग्रामीण बंगाल के उन वोटरों को लामबंद कर रही है, जो टीएमसी की नीतियों से असंतुष्ट हैं।
सायोनी घोष अपनी बेबाकी के लिए जानी जाती हैं। पिछले साल ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर संसद में हुई बहस के दौरान उन्होंने सरकार को तीखे सवालों से घेर लिया था। उन्होंने पहलगाम हमले और आतंकवाद के मुद्दे पर मोदी सरकार पर सीधा हमला बोला था। उनके चर्चित डायलॉग— “हम पूछेंगे आतंकवादी कहां से आया, आप बोलेंगे देशद्रोही”—ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई थी।
ममता बनर्जी की करीबी मानी जाने वाली सयोनी घोष का यह ‘धार्मिक अवतार’ टीएमसी के लिए फायदे का सौदा साबित होगा या भाजपा के ध्रुवीकरण कार्ड को मजबूत करेगा, यह कहना फिलहाल मुश्किल है।
बंगाल में 23 अप्रैल से मतदान शुरू होने हैं और चुनावी नतीजे 4 मई को आएंगे। लेकिन इतना साफ है कि चुनाव की इस बिसात पर अब ‘धार्मिक प्रतीकों’ और ‘अस्मिता’ की जंग और भी तीखी होने वाली है।














