ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और प्रयागराज मेला प्राधिकरण के बीच चल रहे विवाद के बीच एक नया मोड़ आ गया है। मेला प्रशासन ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को नोटिस जारी करके कहा है कि आप 24 घंटे में स्पष्ट करें और प्रमाण दें कि आप शंकराचार्य हैं। सुप्रीम कोर्ट में मामला लंबित होने के बाद भी आप अपने नाम के आगे शंकराचार्य लिख रहे हैं जो कि शीर्ष अदालत के आदेश का उल्लंघन है। उधर, शंकराचार्य ने कहा कि हम भी मेला प्रशासन को नोटिस जारी करेंगे।
https://x.com/JantantraTv/status/2013540183627702499?s=20
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का धरना तीसरे दिन भी जारी है। माघ मेले में त्रिवेणी मार्ग पर वह अपने शिविर के सामने फुटपाथ पर बैठे हुए हैं। यहां पर बड़ी संख्या में साधु संतों के साथ ही विभिन्न राजनीतिक दलों के लोग उनके समर्थन में पहुंच रहे हैं। शंकराचार्य मेला प्रशासन से माफी मांगने पर अड़े हैं। कहा कि वह तब तक शिविर में प्रवेश नहीं करेंगे जब तक कि ससम्मान उनको संगम में स्नान करा कर शिविर में प्रवेश नहीं कराया जाता। यह भी कहा कि वह अगले साल भी मेले में आएंगे और इसी तरह फुटपाथ पर बैठेंगे और शिविर में प्रवेश नहीं करेंगे।
हालांकि मेला प्रशासन ने शंकराचार्य के आरोपों का खंडन किया। मेला कमेटी ने कहा है कि वह शंकराचार्य नहीं नहीं, इसलिए उनको शंकराचार्य का प्रोटोकाल नहीं दिया गया। अब मेला प्रशासन ने नोटिस जारी करके अविमुक्तेश्वरानंद से उनके शंकराचार्य होने का प्रमाण मांग लिया है। इसके लिए 24 घंटे का समय दिया है। इसका उत्तर देने के लिए अविमुक्तेश्वरानंद ने दोपहर तीन बजे प्रेसवार्ता बुलाई है। अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि वह भी मेला प्रशासन को नोटिस जारी करेंगे।




































