देश के सबसे बड़े और बहुप्रतीक्षित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) का उद्घाटन होने के साथ ही अब करोड़ों लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आखिर आम जनता के लिए बुकिंग कब से शुरू होगी? अगर आप भी दिल्ली के आईजीआई (IGI) एयरपोर्ट की भीड़भाड़ से बचकर जेवर से उड़ान भरने का सपना देख रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए है।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सूत्रों और विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी बड़े एयरपोर्ट के उद्घाटन और कमर्शियल फ्लाइट्स के संचालन के बीच आमतौर पर 45 दिनों का अंतराल होता है। इस समय का उपयोग विमानन कंपनियां (Airlines) अपनी ग्राउंड तैयारियों, स्लॉट मैनेजमेंट और एयरोड्रम लाइसेंस की अंतिम प्रक्रियाओं को पूरा करने में करती हैं।
हालांकि आधिकारिक तारीख का ऐलान होना बाकी है, लेकिन उम्मीद जताई जा रही है कि अप्रैल 2026 के मध्य से यात्री विमान यहां से उड़ान भरना शुरू कर देंगे।
जेवर एयरपोर्ट से शुरुआती दौर में केवल Domestic Flights शुरू की जाएंगी। एयरपोर्ट मैनेजमेंट ने पहले फेज में उन रूट्स को चुना है जहां यात्रियों की मांग सबसे अधिक रहती है।
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मेट्रो शहर: मुंबई, बेंगलुरु, कोलकाता, हैदराबाद, पुणे, चेन्नई और अहमदाबाद।
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यूपी के भीतर: लखनऊ और वाराणसी।
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अन्य प्रमुख शहर: जयपुर, भोपाल और जम्मू।
अंतरराष्ट्रीय उड़ानों (International Flights) के लिए यात्रियों को अभी थोड़ा और इंतजार करना होगा। जानकारों का मानना है कि ग्लोबल रूट्स शुरू होने में अभी 6 महीने का समय लग सकता है। यह एयरपोर्ट न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे उत्तर भारत की कनेक्टिविटी को बदल कर रख देगा।
आइए नजर डालते हैं इसके मुख्य आंकड़ों पर:
| विशेषता | विवरण |
| सालाना क्षमता | 1.20 करोड़ यात्री (शुरुआती टर्मिनल) |
| पहले साल का अनुमान | 50 से 60 लाख यात्री |
| दैनिक विमान आवाजाही | करीब 150 विमानों का लक्ष्य |
| प्राथमिकता | प्रमुख मेट्रो और बिजनेस हब |
जेवर एयरपोर्ट केवल एक हवाई अड्डा नहीं, बल्कि आर्थिक इंजन साबित होने वाला है। इसके शुरू होने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में रियल एस्टेट, लॉजिस्टिक्स और टूरिज्म सेक्टर में भारी निवेश की उम्मीद है, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए हजारों रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
जैसे-जैसे यात्रियों की संख्या (Footfall) बढ़ेगी, वैसे-वैसे उड़ानों की संख्या और नए शहरों के रूट्स को भी लिस्ट में जोड़ा जाएगा। अब बस कुछ हफ्तों का इंतजार है, जिसके बाद यूपी का यह ‘आसमानी गेटवे’ पूरी दुनिया के लिए खुल जाएगा।















