सोशल मीडिया पर कब क्या वायरल हो जाए, इसका अंदाजा लगाना नामुमकिन है। लेकिन जब बात पूर्वांचली जांबाजों की हो, तो मंजर चाहे मौत का ही क्यों न हो, इनका ‘अंदाज’ कम नहीं होता। इन दिनों इंटरनेट पर एक वीडियो खलबली मचा रहा है, जिसमें मिडिल ईस्ट के तनाव के बीच दुबई के आसमान से मिसाइलें गिरती दिख रही हैं। लेकिन इस खौफनाक वीडियो की जान मिसाइल का धमाका नहीं, बल्कि बैकग्राउंड में सुनाई दे रही विशुद्ध अवधी कमेंट्री और लड़कों की आपसी बातचीत है।
वायरल क्लिप में आसमान में तेज रोशनी और धमाके की आवाज सुनाई देती है। दावा है कि यह दुबई का कोई कंस्ट्रक्शन साइट वाला इलाका है। जैसे ही आसमान में चमक दिखाई देती है, बैकग्राउंड में कुछ लड़के अपनी खास अवधी बोली में चहक उठते हैं।
एक आवाज आती है— “देख… ओहर गिरत बा!” (देखो, उधर गिरा है)। तुरंत दूसरा लड़का पूरे उत्साह में जोड़ता है— “अरे भाई, सीधे नीचे आवत बा।” (अरे भाई, सीधा नीचे आ रहा है)। जिस बेफिक्री और अंदाज में ये लड़के इस खतरनाक मंजर को बयान कर रहे हैं, वह किसी रोमांचक क्रिकेट मैच की कमेंट्री से कम नहीं लग रहा।
वीडियो का सबसे मजेदार और इमोशनल हिस्सा तब आता है जब मिसाइल गिरते देख लड़कों को अपनी जान और घर की याद आती है। धमाका और धुआं देख एक लड़का तपाक से बोलता है— “अब ड्यूटी-व्यूटी छोड़ो भाई, सीधा गाँव का टिकट कटाओ!” मौत के साए में भी पूर्वांचली लड़कों का यह देसी मजाकिया अंदाज लोगों का दिल जीत रहा है। जहाँ दुनिया इस युद्ध और तनाव से सहमी हुई है, वहीं इन लड़कों की बातचीत यह बता रही है कि संकट के समय एक भारतीय के मन में सबसे पहला ख्याल अपने ‘घर और गाँव’ का ही आता है।
वीडियो में दिख रहा इलाका किसी कंस्ट्रक्शन साइट का है जहाँ चारों ओर निर्माण सामग्री बिखरी है और पास ही से हाईवे गुजर रहा है। बताया जा रहा है कि मिसाइल इसी हाईवे के करीब गिरी। X (पूर्व में ट्विटर) पर @AnilYadavmedia1 द्वारा शेयर किए गए इस वीडियो को लाखों लोग देख चुके हैं।
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यूजर्स इस वीडियो पर जमकर मजे ले रहे हैं। एक यूजर ने लिखा: “पूर्वांचली लड़कों को मौत से डर नहीं लगता, बस उन्हें घर जाने का बहाना चाहिए! वहीं दूसरे ने लिखा कि मिसाइल गिर रही है और भाई लोग अवधी में घर वापसी की प्लानिंग कर रहे हैं, गजब का जिगरा है। एक अन्य ने चुटकी ली “भाई ने सही कहा, जान बची तो लाखों पाए, सीधा घर का टिकट कराओ!”
यह वीडियो साबित करता है कि दुनिया के किसी भी कोने में चले जाएं, यूपी और पूर्वांचल के लोगों का देसी मिजाज और उनकी बोली की खनक कभी कम नहीं होती। आपदा के बीच भी अपनी मिट्टी की भाषा में बात करना और ‘गाँव’ को याद करना ही इनका असली स्वैग है।

















