दुबई में बैठे सरगना जैसे आमिर पाशा, शारिक साठा चोरी की डिमांड रखते हैं। दिल्ली-NCR में स्थानीय चोर गाड़ियों के सिक्योरिटी सिस्टम (पुश-स्टार्ट, होलोग्राम कोड) की फोटो दुबई भेजते हैं। दुबई के टेक्निकल एक्सपर्ट यूनिक कोड जनरेट कर भेजते हैं, जिससे लॉक बायपास हो जाता है। चोरी के बाद गाड़ियां फर्जी नंबर प्लेट, चेसिस नंबर छेड़छाड़ या ‘टोटल लॉस’ वाहनों के दस्तावेजों से रजिस्टर कर पंजाब, हिमाचल, मणिपुर, नागालैंड तक बेची जाती हैं।पुलिस ने हाल ही में ऐसे कई गिरोहों का भंडाफोड़ किया है। जिसमें 15-16 लग्जरी गाड़ियां बरामद हुई हैं। वहीं आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, लेकिन मास्टरमाइंड अभी भी दुबई में फरार।
आंकड़े चीख-चीखकर बता रहे हैं कि दिल्ली-NCR में देश की 56% से ज्यादा वाहन चोरियां होती हैं। वाहन चोरी कुल अपराधों का 20% हिस्सा बन चुकी है। हर 14 मिनट में एक गाड़ी चोरी – यानी आपकी पार्किंग से गाड़ी गायब होने में बस इतना वक्त लगता है जितना चाय पीने में!
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (ARSC और AATS यूनिट) लगातार ऐसे सिंडिकेट को तोड़ रही है, लेकिन दुबई कनेक्शन के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जांच और प्रत्यर्पण की चुनौती बनी हुई है। पुलिस ने कई मामलों में LOC जारी किया है और मास्टरमाइंड्स को पकड़ने की कोशिश जारी है।





































