भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में एक ऐतिहासिक बदलाव की बारी आई है। बिहार के पांच बार के विधायक और पूर्व मंत्री नितिन नवीन को पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने के बाद अब वे 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में निर्विरोध चुने जाने की कगार पर हैं। 19 जनवरी 2026 को नामांकन दाखिल करने के बाद 20 जनवरी को औपचारिक घोषणा होने की संभावना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह सहित पार्टी का शीर्ष नेतृत्व उनकी उम्मीदवारी का खुलकर समर्थन कर रहा है।यह फैसला भाजपा में पीढ़ीगत बदलाव का प्रतीक है, क्योंकि 45 वर्षीय नितिन नवीन पार्टी के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने जा रहे हैं।

नितिन नवीन का जन्म 23 मई 1980 को पटना में हुआ। वे दिवंगत वरिष्ठ भाजपा नेता नवीन किशोर सिन्हा (जिन्हें लोग ‘नबीन बाबू’ कहते थे) के बेटे हैं। पिता 2005 में दिल्ली में निधन के समय विधायक थे, जिसके बाद उपचुनाव में महज 26 साल की उम्र में नितिन ने पटना पश्चिम (अब बांकीपुर) सीट संभाली और लगातार बड़े अंतर से जीत दर्ज की।
- शिक्षा: संत माइकल हाई स्कूल से 10वीं, दिल्ली में 12वीं, फिर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी।
- संगठन में योगदान: 2016-2019 तक भाजपा युवा मोर्चा (भाजयुमो) बिहार प्रदेश अध्यक्ष रहे, जहां उन्होंने कार्यकर्ताओं का मजबूत नेटवर्क खड़ा किया।
- राष्ट्रीय भूमिका: सिक्किम और छत्तीसगढ़ में संगठन प्रभारी के तौर पर सक्रिय रहे। छत्तीसगढ़ में भाजपा की वापसी में उनकी भूमिका सराहनीय रही।
- बिहार सरकार में: कुल पांच बार मंत्री बने, आखिरी बार 2025 चुनाव के बाद, लेकिन राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनने पर इस्तीफा दे दिया।

नितिन नवीन की शादी दीपमाला श्रीवास्तव से हुई, जो पूर्व बैंक अधिकारी हैं और अब अपना स्टार्टअप ‘नविरा इंटरप्राइजेज’ चला रही हैं। उनके तीन बच्चे हैं—बेटी नविरा, बेटा नैतिक और नित्या नविरा। नाम हिंदी में नितिन नवीन लिखते हैं, जबकि अंग्रेजी में Nitin Nabin प्रचलित है।
पीएम मोदी ने भी उनकी प्रशंसा करते हुए कहा था कि “नितिन नवीन जी ने एक कर्मठ कार्यकर्ता के रूप में अपनी पहचान बनाई है। वे युवा, ऊर्जावान और संगठनात्मक अनुभव से भरपूर हैं। उनका विनम्र स्वभाव और व्यावहारिक कार्यशैली पार्टी को मजबूती देगी।”
वहीं गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि “भाजयुमो से लेकर छत्तीसगढ़ प्रभारी तक, हर जिम्मेदारी उन्होंने निष्ठा से निभाई। बिहार में लंबे अनुभव के साथ वे जनता के बीच मजबूत पकड़ रखते हैं।” यह नियुक्ति भाजपा की युवा ऊर्जा और संगठन विस्तार की रणनीति को दर्शाती है। बिहार से निकला यह नेता अब पूरे देश की कमान संभालने जा रहा है—एक नया अध्याय शुरू हो रहा है!




























