पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों की आहट के बीच एक बड़ी खबर सामने आ रही है। राज्य के राज्यपाल डॉ. सी.वी. आनंद बोस ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। चुनाव से ठीक पहले हुए इस घटनाक्रम ने राज्य के सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी है।
विधानसभा चुनाव से ऐन पहले राज्यपाल का पद छोड़ना कई सवाल खड़े कर रहा है। डॉ. बोस ने 17 नवंबर 2022 को पश्चिम बंगाल के राज्यपाल के रूप में कार्यभार संभाला था। उनसे पहले मणिपुर के राज्यपाल ला गणेशन के पास बंगाल का अतिरिक्त प्रभार था। यह पद तब खाली हुआ था जब तत्कालीन राज्यपाल जगदीप धनखड़ देश के उपराष्ट्रपति निर्वाचित हुए थे।
डॉ. बोस का कार्यकाल राज्य सरकार और राजभवन के बीच तल्खियों और कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक फैसलों के लिए जाना गया। 1977 बैच के पूर्व IAS अधिकारी बोस को एक सख्त प्रशासक माना जाता है। अब उनके इस्तीफे के बाद बंगाल की राजनीति किस दिशा में मुड़ती है, यह देखना दिलचस्प होगा।
जानकारों का मानना है कि चुनाव से ठीक पहले इस इस्तीफे के पीछे के कारणों का असर आने वाले चुनावी समीकरणों पर पड़ सकता है।

















