पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद राज्य की सियासत में जबरदस्त उबाल आ गया है। 293 सीटों में से महज 80 सीटों पर सिमटने के बाद, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में हार स्वीकार करने से साफ इनकार कर दिया है। ममता बनर्जी ने न केवल भाजपा पर \’बेईमानी\’ का आरोप लगाया, बल्कि चुनाव आयोग को इस हार का \’मुख्य विलेन\’ करार दिया।
जब पत्रकारों ने ममता बनर्जी से उनके इस्तीफे को लेकर सवाल किया, तो उन्होंने कड़े लहजे में कहा कि क्यों, मैं क्यों जाऊँगी? हम तो हारे नहीं हैं कि जाएँगे। अगर कोई हार का सबूत देता, तो इस्तीफा देती। जोर-जबरदस्ती करके कोई बोले कि इस्तीफा देना होगा, तो नहीं दूँगी। मैं अभी इस्तीफा नहीं दूँगी क्योंकि हम चुनाव हारे ही नहीं हैं।
ममता बनर्जी ने चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए चुनाव आयोग को भाजपा का \’एजेंट\’ बताया। उन्होंने कहा कि कि चुनाव आयोग ने इस चुनाव में निष्पक्षता नहीं बरती। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) को \’केंद्र की गुंडा वाहिनी\’ संबोधित किया।उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने काउंटिंग सेंटरों को हैक कर लिया है।
ममता बनर्जी ने हार के लिए सीधे तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, \”मैंने अपने जीवन में ऐसा चुनाव कभी नहीं देखा। टीएमसी को मोदी और शाह ने हराया है, और इसके लिए भाजपा ने हर मुमकिन हथकंडा अपनाया। यह बंगाल के लोकतंत्र के लिए काला दिन है। मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि उनके साथ धक्का-मुक्की और प्रताड़ना की गई है, जिसकी उन्होंने कड़ी निंदा की।
चुनाव आयोग द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, बंगाल की सत्ता में बड़ा उलटफेर हुआ है:
| पार्टी | सीटें जीतीं |
| भाजपा (BJP) | 207 |
| तृणमूल कांग्रेस (TMC) | 80 |
| कांग्रेस (INC) | 02 |
| कुल सीटें | 293 |
भविष्य की योजना पर बात करते हुए ममता बनर्जी ने स्पष्ट कर दिया कि वह चुप नहीं बैठेंगी। उन्होंने कहा, \”जल्द ही पार्टी सदस्यों के साथ आगे की रणनीति पर चर्चा की जाएगी। मैं अब भाजपा के अत्याचारों को और बर्दाश्त नहीं करूँगी। मैं फिर से सड़कों पर उतरूँगी और जनता के बीच जाऊँगी।