मेरठ में एक महिला ने अपने घर के पास गंदे नाले की सफाई करवाने के लिए पुलिस और प्रशासन को चकमा दे दिया। महिला ने डायल 112 पर कॉल कर पुलिस को झूठी सूचना दी कि नाले में कोई गिर गया है। सूचना मिलते ही पुलिस और नगर निगम की टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं।
प्रशासन ने आनन-फानन में रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया, जो लगातार 10 घंटे तक चला। व्यक्ति को खोजने के प्रयास में जेसीबी मशीनों की मदद से पूरे नाले की सफाई कर दी गई। अंत में जब नाले में कोई नहीं मिला, तो जांच में सामने आया कि महिला ने सफाई करवाने के लिए यह झूठी कहानी रची थी।
यह कहानी मेरठ की है, मेरठ के किसी मोहल्ले की एक गली में एक नाला था। नाला नहीं, एक काला तालाब—कचरे का, कीचड़ का, बदबू का और मच्छरों के राजा का। लोग रोज़ उससे नज़रें चुराते, बच्चे उसमें गिरने से डरते, और बूढ़े सिर झुकाकर गुज़र जाते।
एक महिला थी, उसी गली की। रोज़ सुबह उठकर वो नाले के किनारे खड़ी होती, हाथ जोड़कर नगर निगम के लोगों से कहती, “भाई साहब, एक बार सफाई करवा दो… मच्छर खून पी रहे हैं, बीमारी फैल रही है।”
हर बार प्रशासन का जवाब आता— “आवेदन डालिए… कमेटी बैठेगी… फाइल आगे बढ़ेगी… बजट आएगा… फिर देखेंगे।” फाइलें बढ़ती रहीं, मच्छर बढ़ते रहे, बदबू बढ़ती रही, और महिला का सब्र टूटता रहा।
एक दिन महिला ने सोचा— “अब सीधी उंगली से घी नहीं निकल रही, तो उंगली टेढ़ी करनी पड़ेगी।” उसने फोन उठाया 112 डायल कर आवाज़ में घबराहट भरकर बोली, “जल्दी आइए साहब! कोई गिर गया है… नाले में… कोई इंसान… शायद बच्चा… चीख सुनाई दी थी… जल्दी!” फिर जो हुआ, वो फिल्मी सीन था।
10 मिनट में पुलिस, 20 मिनट में नगर निगम, 30 मिनट में जेसीबी। लाइटें, मशीनें, हेलमेट, रस्सियाँ, चीख-पुकार, “कोई है क्या?”, “हाथ लगाओ!”, “खींचो!” 10 घंटे तक चला हाई वोल्टेज ड्रामा। पूरे नाले का कचरा बाहर, कीचड़ बाहर, गंदगी बाहर। नाला चमकने लगा—जैसे कोई स्पा ट्रीटमेंट हो गया हो। अंत में जब कोई नहीं मिला, तो सब हैरान।
महिला चुपचाप खड़ी मुस्कुरा रही थी। प्रशासन अब गुस्से में— “झूठी सूचना! सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग! कार्रवाई होगी!” और लोग सोशल मीडिया पर तालियाँ बजा रहे— “वाह रे दीदी! एक कॉल से जो हुआ, वो 10 साल की शिकायतों से नहीं हुआ।”
“अब समझ आया—इमरजेंसी में ही काम होता है, रोज़मर्रा में नहीं।” प्रशासन को “कोई गिर गया” कहो तो नाला 10 घंटे में साफ हो जाता है, वरना “हमारी जिंदगी गिर गई” कहकर भी 10 साल तक कोई नहीं आएगा।