उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में लव जिहाद के एक बड़े और संगठित रैकेट का पर्दाफाश हुआ है, जहां जिम को हिंदू लड़कियों को फंसाने, ब्लैकमेल करने और जबरन धर्मांतरण कराने का अड्डा बनाया गया था। पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले में अब तक कुल सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिसमें हाल ही में एक मौलवी खलीलुर्रहमान की गिरफ्तारी शामिल है, जो इस गिरोह का कथित ‘गुरु’ माना जा रहा है।
मामला तब उजागर हुआ जब मिर्जापुर की दो युवतियों ने देहात कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। पीड़िताओं ने बताया कि वे फिटनेस के लिए जिम जाती थीं, जहां ट्रेनरों ने दोस्ती और प्रेम का जाल बिछाया। धीरे-धीरे संबंध गहराए, फिर आरोपियों ने अश्लील फोटो और वीडियो बनाकर ब्लैकमेल शुरू कर दिया। धमकी दी जाती थी कि अगर पैसे नहीं दिए या विरोध किया तो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए जाएंगे।
पीड़िताओं के अनुसार उनके नाम पर जबरन लोन लिया गया और पैसे ऐंठे गए। बुर्का पहनाकर फोटो खींचे गए। जबरन मुस्लिम धर्म अपनाने का दबाव बनाया गया, नमाज पढ़ने और इस्लाम कबूल करने के लिए मजबूर किया गया। पुलिस जांच में एक मोबाइल से पासवर्ड-प्रोटेक्टेड फोल्डर मिला, जिसमें 50 से अधिक हिंदू महिलाओं की आपत्तिजनक तस्वीरें, वीडियो, यात्राओं और निकाह से जुड़ी सामग्री थी। कुछ वीडियो AI-जनरेटेड भी बताए जा रहे हैं।
यह रैकेट स्पष्ट रूप से लव जिहाद पैटर्न पर आधारित था, जहां हिंदू लड़कियों को टारगेट कर प्रेम जाल में फंसाया जाता था, फिर यौन शोषण, ब्लैकमेल और जबरन धर्म परिवर्तन कराया जाता था। पुलिस जांच में सामने आया कि जिम ट्रेनरों को विशेष ‘ट्रेनिंग’ दी जाती थी कि कैसे लड़कियों को लुभाना और फंसाना है।मास्टरमाइंड इमरान खान को दिल्ली एयरपोर्ट से दुबई भागते हुए गिरफ्तार किया गया। उसके विदेशी लिंक (मलेशिया, दुबई) और फंडिंग की जांच चल रही है। बताया जा रहा है कि गिरोह ने एक्सटॉर्शन से कमाए पैसों को रियल एस्टेट में निवेश किया था, जिसके बाद आरोपियों की करोड़ों की संपत्ति जब्त की गई।
हाल ही में पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की, जब चिल्ह थाना क्षेत्र की हुसैनी मस्जिद में नमाज पढ़ाने वाले मौलवी खलीलुर्रहमान को गिरफ्तार किया गया। जांच में पता चला कि मौलवी खलीलुर्रहमान जिम ट्रेनरों को धर्मांतरण की ‘ट्रेनिंग’ देता था। उसके खिलाफ वाराणसी (लोहता) में 2023 से ही हिंदू लड़की की शादी कराने का मुकदमा दर्ज है। वह इस रैकेट का कथित ‘मेंटर’ या ‘गुरु’ था, जो निकाह और कन्वर्जन के लिए सहायता प्रदान करता था। उसके पास से कई अहम सुराग, दस्तावेज और संपर्क मिले हैं।
जांच में विदेशी फंडिंग, AI का इस्तेमाल ब्लैकमेल में और बड़े नेटवर्क की संभावना तलाशी जा रही है। प्रशासन ने आरोपियों की 25 करोड़ से अधिक की संपत्ति जब्त की है, गाड़ियां सीज की हैं। यह मामला उत्तर प्रदेश में लव जिहाद और जबरन धर्मांतरण के खिलाफ चल रही सख्त कार्रवाई का एक और उदाहरण है। पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। पीड़ित लड़कियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है, और इस तरह के रैकेट को जड़ से खत्म करने के लिए विशेष टीम काम कर रही है।