उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े अवैध ड्रग्स सिंडिकेट यानी ‘करोड़ों के कफ सिरप कांड’ में वाराणसी पुलिस ने अब तक का सबसे बड़ा दांव खेला है। पुलिस कमिश्नरेट की पैरवी के बाद अब इस पूरे खेल के मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल के खिलाफ CBI ने इंटरपोल (Interpol) को पत्र भेज दिया है।
यह कदम शुभम के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस (Red Corner Notice) जारी करने की दिशा में अंतिम प्रक्रिया है। इस कार्रवाई के बाद अब ‘कोडिन किंग’ का दुबई के आलीशान ठिकानों से बच निकलना नामुमकिन माना जा रहा है।
वाराणसी पुलिस के पास पुख्ता इनपुट हैं कि शुभम जायसवाल गिरफ्तारी से बचने के लिए विदेश भाग गया है और वर्तमान में दुबई में शरण लिए हुए है। वाराणसी पुलिस ने शुभम के पासपोर्ट और उससे जुड़े तमाम अहम दस्तावेज सीबीआई के साथ साझा किए थे। रेड कॉर्नर नोटिस जारी होते ही अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियां उसे डिटेन (हिरासत में) कर लेंगी, जिसके बाद भारत उसे डिपोर्ट (प्रत्यर्पण) कर वापस ला सकेगा।
सिर्फ शुभम ही नहीं, इस गिरोह का एक और अहम मोहरा प्रशांत उपाध्याय उर्फ ‘लड्डू’ भी लंबे समय से पुलिस को चकमा दे रहा है। शनिवार को वाराणसी की कोतवाली पुलिस ने प्रशांत के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार किया। मड़ौली और महमूरगंज स्थित आवासों पर भारी पुलिस बल के साथ मुनादी की गई।
ढोल-नगाड़ों (डुगडुगी) की आवाज के बीच मोहल्ले वालों को बताया गया कि प्रशांत एक वांछित अपराधी है। पुलिस ने धारा 82 (फरारी की उद्घोषणा) के तहत नोटिस चस्पा किया। यदि वह जल्द सरेंडर नहीं करता, तो उसकी संपत्तियों की कुर्की (धारा 83) शुरू कर दी जाएगी।
वाराणसी के पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने इस मामले में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नशीली दवाओं का कारोबार कर युवाओं की रगों में जहर घोलने वाले किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। कमिश्नर ने कहा कि पुलिस का लक्ष्य सिर्फ गिरफ्तारी नहीं, बल्कि इस पूरे सिंडिकेट की आर्थिक कमर तोड़ना है।
इस गैंग के खिलाफ हुई अब तक की कार्रवाई उत्तर प्रदेश में अपनी तरह की अनूठी कार्रवाई है। पुलिस ने अब तक आरोपियों के 65 से ज्यादा बैंक खातों को फ्रीज कर दिया है, जिनमें करोड़ों की राशि जमा थी। शुभम और उसके रिश्तेदारों की बेनामी और अवैध संपत्तियों को चिन्हित कर कुर्क किया जा चुका है।
शुभम के खिलाफ शहर के चार थानों (कोतवाली, रामनगर, रोहनिया और सारनाथ) में गंभीर धाराओं में केस दर्ज हैं। शुभम पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित है, जिसे अब बढ़ाने की तैयारी है।
वाराणसी पुलिस ने अब तक शुभम के पिता भोला प्रसाद समेत कई सफेदपोशों और अपराधियों को जेल भेजा है। गिरफ्तार आरोपियों की लंबी सूची है। अमित सिंह टाटा, एसटीएफ का बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह, अमित यादव, विकास सिंह ‘नरवे’, आकाश पाठक, स्वप्निल केशरी, लोकेश अग्रवाल, आदित्य जायसवाल, धर्मेन्द्र कुमार अग्रवाल, राहुल यादव, दिनेश यादव, आशीष यादव और फैज उर रहमान।
वाराणसी पुलिस की यह सक्रियता दिखाती है कि अब अपराधियों के लिए भौगोलिक सीमाएं सुरक्षा कवच नहीं बन पाएंगी। इंटरपोल की एंट्री के बाद अब कफ सिरप माफिया का अंत करीब नजर आ रहा है।















