बिहार विधानसभा में मंगलवार को एक अनोखी घटना देखने को मिली, जब जेल में बंद बाहुबली विधायक अनंत सिंह ने विधायक पद की शपथ ग्रहण की। मोकामा से जेडीयू के टिकट पर भारी बहुमत से चुनाव जीतने वाले अनंत सिंह स्वास्थ्य कारणों से बेऊर जेल से एंबुलेंस में विधानसभा पहुंचे।
उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि वे निर्दोष हैं और जांच चल रही है। बेल के लिए आवेदन कर दिया गया है, और जज जब चाहेंगे तभी बाहर आ पाएंगे। तेजस्वी यादव से जुड़े सवाल पर उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि अगली बार उन्हें दूसरी पार्टी से टिकट लेकर चुनाव लड़ना पड़ सकता है।
शपथ ग्रहण के दौरान अनंत सिंह ने शपथ-पत्र बिना पढ़े ही शपथ ली। शपथ पूरी होने के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। इस दौरान सीएम ने उनके माथे पर लगे तिलक के बारे में भी पूछा। विधानसभा परिसर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रही, जहां भारी पुलिस बल तैनात था।
अनंत सिंह दुलारचंद यादव हत्याकांड मामले में बेऊर जेल में बंद हैं। पटना सिविल कोर्ट और विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट ने उन्हें केवल शपथ ग्रहण के लिए विशेष अनुमति दी थी। शपथ के बाद वे दोबारा जेल लौट गए। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि वे निर्दोष हैं और जांच चल रही है। बेल के लिए आवेदन कर दिया गया है, और जज जब चाहेंगे तभी बाहर आ पाएंगे।
आपको बता दें कि मोकामा सीट से अनंत सिंह ने शानदार जीत दर्ज की थी। उन्हें 91,416 वोट मिले, जबकि राजद की वीणा देवी को 63,210 वोट मिले। जीत के अंतर 28,206 वोटों का रहा। चुनाव जीत के बाद उनके पुराने बंगले में भव्य भोज का आयोजन हुआ था, जिसमें करीब 50 हजार लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई थी, जो काफी चर्चा में रहा।
बिहार विधानसभा में अब तक 242 विधायकों ने शपथ ली है। अनंत सिंह उन चुनिंदा विधायकों में शामिल थे, जो जेल में होने के कारण पहले शपथ नहीं ले पाए थे। यह घटना बिहार की राजनीति में एक बार फिर ‘छोटे सरकार’ के नाम से मशहूर अनंत सिंह की चर्चा का केंद्र बनी।











































