कभी दुनिया के छठे सबसे अमीर व्यक्ति और भारत के ‘पोस्टर बॉय’ माने जाने वाले बिजनेस टायकून अनिल अंबानी के साम्राज्य की दीवारें अब कानून के दबाव में दरकती नजर आ रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भ्रष्टाचार और बैंक धोखाधड़ी के गंभीर आरोपों में घिरे अंबानी के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है।
ED ने मुंबई के पाली हिल स्थित अनिल अंबानी के 17 मंजिला निजी आवास ‘Abode’ को अस्थायी रूप से कुर्क (Attach) कर लिया है। जब्त की गई संपत्ति का मूल्य लगभग 3,716.83 करोड़ रुपये है। जांच में पाया गया कि इस संपत्ति को ‘RiseE Trust’ (एक फैमिली ट्रस्ट) के जरिए छिपाने की कोशिश की गई थी, ताकि इसे लेनदारों और बैंक देनदारियों से बचाया जा सके। इस कार्रवाई के साथ ही अनिल अंबानी और उनकी कंपनियों के खिलाफ अब तक कुल 15,700 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की जा चुकी है।
यह पूरी जांच Reliance Communications (RCom) से जुड़े 40,185 करोड़ रुपये के बकाया कर्ज पर आधारित है। जांच एजेंसियों के अनुसार, 2010 से 2012 के बीच लिए गए इन कर्जों को ‘एवरग्रीनिंग’ (एक कर्ज चुकाने के लिए दूसरा कर्ज लेना) और शेल कंपनियों के जरिए डायवर्ट किया गया। भारतीय स्टेट बैंक (SBI) सहित पांच प्रमुख बैंकों ने अंबानी के खातों को Fraud घोषित कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने CBI को यह जांचने का जिम्मा सौंपा है कि क्या इस घोटाले में बैंक अधिकारियों की मिलीभगत थी।
फरवरी 2026 की शुरुआत में सुप्रीम कोर्ट ने जांच की धीमी रफ्तार पर गहरी नाराजगी जताई थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि “जांच निष्पक्ष और समयबद्ध होनी चाहिए।” अदालत ने ED को एक विशेष जांच टीम (SIT) बनाने का आदेश दिया है। इसके साथ ही, अनिल अंबानी के वकील मुकुल रोहतगी ने कोर्ट में हलफनामा दिया है कि उनके मुवक्किल देश छोड़कर नहीं जाएंगे और जांच में पूरा सहयोग करेंगे।
यह संकट केवल ED तक सीमित नहीं है। अगस्त 2024 में मार्केट रेगुलेटर SEBI ने अनिल अंबानी पर फंड की हेराफेरी के कारण 5 साल का प्रतिबंध लगाया है। वहीं 25 करोड़ रुपये का व्यक्तिगत जुर्माना भी ठोका। उन्हें किसी भी लिस्टेड कंपनी में डायरेक्टर या कोई भी बड़ा पद संभालने से रोक दिया गया है।
90 के दशक में रिलायंस के financial Mind माने जाने वाले अनिल अंबानी आज भ्रष्टाचार और कर्ज के उन आरोपों से लड़ रहे हैं, जिन्होंने उनके ‘रिलायंस ADA ग्रुप’ की साख को लगभग खत्म कर दिया है। 26 फरवरी को वे एक बार फिर पूछताछ के लिए दिल्ली स्थित ED मुख्यालय पहुंचे। अब उनके बयानों और SIT की रिपोर्ट पर भविष्य की कार्रवाई टिकी है।


















