अमेरिका की दिग्गज टेक कंपनियों गूगल, एप्पल, माइक्रोसॉफ्ट और अमेज़न ने अपने कर्मचारियों को विदेश यात्रा को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन कंपनियों ने खासतौर पर वीज़ा पर काम कर रहे कर्मचारियों को अमेरिका से बाहर न जाने की चेतावनी दी है। इसकी सबसे बड़ी वजह अमेरिका की इमिग्रेशन नीतियों में सख्ती, वीज़ा नियमों में बदलाव और दोबारा अमेरिका में प्रवेश को लेकर बढ़ती अनिश्चितता बताई जा रही है।
इन कंपनियों में बड़ी संख्या में ऐसे कर्मचारी काम करते हैं जो H-1B, L-1 या अन्य वर्क वीज़ा पर अमेरिका में रह रहे हैं। हाल के महीनों में वीज़ा अप्रूवल, स्टांपिंग और एयरपोर्ट पर पूछताछ को लेकर कई मामलों में दिक्कतें सामने आई हैं। कुछ कर्मचारियों को लंबे समय तक बाहर ही रुकना पड़ा, जबकि कुछ को दोबारा अमेरिका में एंट्री मिलने में परेशानी हुई। इसी को देखते हुए कंपनियों ने एहतियातन अपने स्टाफ को गैर-ज़रूरी अंतरराष्ट्रीय यात्रा से बचने की सलाह दी है।
गूगल और माइक्रोसॉफ्ट ने अपने आंतरिक मेल और मीटिंग्स में कर्मचारियों से कहा है कि जब तक बहुत ज़रूरी न हो, तब तक अमेरिका से बाहर न जाएं। खासकर उन कर्मचारियों को सावधान रहने को कहा गया है जिनका वीज़ा रिन्यूअल, एक्सटेंशन या स्टेटस चेंज की प्रक्रिया चल रही है। एप्पल और अमेज़न ने भी इसी तरह की एडवाइजरी जारी करते हुए कहा है कि यात्रा से पहले लीगल और HR टीम से सलाह लेना अनिवार्य है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका में इमिग्रेशन सिस्टम पहले से ज्यादा सख्त और जटिल होता जा रहा है। वीज़ा इंटरव्यू में देरी, बैकलॉग और सिक्योरिटी चेक के कारण कर्मचारियों को जोखिम का सामना करना पड़ सकता है। अगर कोई कर्मचारी अमेरिका से बाहर जाता है और किसी कारण से वापस नहीं आ पाता, तो इससे न सिर्फ उसकी नौकरी बल्कि कंपनी के प्रोजेक्ट्स पर भी असर पड़ सकता है।
भारतीय और अन्य विदेशी कर्मचारियों में इस चेतावनी को लेकर चिंता बढ़ गई है, क्योंकि सिलिकॉन वैली और टेक सेक्टर में विदेशी टैलेंट की बड़ी भूमिका है। कई कर्मचारी त्योहारों, पारिवारिक कार्यक्रमों या निजी कारणों से अपने देश जाना चाहते हैं, लेकिन अब उन्हें दोबारा अमेरिका लौटने को लेकर डर सता रहा है।
कंपनियों का कहना है कि यह कदम कर्मचारियों की सुरक्षा और स्थिरता को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। वे नहीं चाहतीं कि कोई कर्मचारी कानूनी या इमिग्रेशन समस्याओं में फंसकर तनाव में आए। हालांकि, कर्मचारियों को उम्मीद है कि आने वाले समय में वीज़ा प्रक्रियाएं आसान होंगी और स्थिति सामान्य होगी।
फिलहाल, अमेरिका की बड़ी टेक कंपनियों की यह चेतावनी साफ संकेत देती है कि ग्लोबल टैलेंट पर निर्भर होने के बावजूद इमिग्रेशन अनिश्चितता एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।












