कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा ने भारतीय जनता पार्टी पर अब तक का सबसे बड़ा जुबानी हमला बोला है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर अपनी बात रखते हुए खेड़ा ने भाजपा की कार्यशैली की तुलना “इच्छाधारी नाग” से कर डाली। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा एक राजनीतिक दल की तरह नहीं, बल्कि एक ऐसे संगठन की तरह काम कर रही है जिसका एकमात्र लक्ष्य किसी भी कीमत पर ‘कांग्रेस मुक्त भारत’ बनाना है।
पवन खेड़ा ने भाजपा की रणनीतियों पर तंज कसते हुए कहा कि वह राजनीतिक लाभ के लिए अपना रूप बदलने में माहिर है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों से भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ तीखे हमले किए, लेकिन अब चुनावी समीकरणों को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं उनकी प्रशंसा कर रहे हैं। खेड़ा के अनुसार, यह प्रशंसा किसी सम्मान के कारण नहीं, बल्कि सिर्फ कांग्रेस को नीचा दिखाने और उस पर निशाना साधने के लिए की जा रही है।
कांग्रेस नेता ने केंद्रीय जांच एजेंसियों के इस्तेमाल पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने इसे “प्रतिशोध की राजनीति” करार देते हुए कहा कि जैसे ही चुनाव नजदीक आते हैं, कांग्रेस नेताओं के खिलाफ मामलों में अचानक तेजी आ जाती है। उन्होंने पी. चिदंबरम का जिक्र करते हुए कहा कि तमिलनाडु चुनाव से ठीक पहले उन्हें फिर से सुर्खियों में लाया जा रहा है।
खेड़ा ने आरोप लगाया कि जहां कांग्रेस के खिलाफ सख्ती दिखाई जाती है, वहीं आम आदमी पार्टी जैसे “सुविधाजनक सहयोगियों” और अन्य विरोधियों के खिलाफ गुजरात या पंजाब जैसे चुनावों के समय कार्रवाई की गति धीमी कर दी जाती है। भाजपा ने प्रतिशोध की राजनीति को शासन का रूप दे दिया है। वह जांच एजेंसियों को एक संवैधानिक संस्था नहीं, बल्कि एक चुनावी औज़ार की तरह इस्तेमाल कर रही है।
पवन खेड़ा के इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। कांग्रेस का स्पष्ट आरोप है कि भाजपा अपनी सत्ता का दुरुपयोग कर विपक्षी एकता को तोड़ने और कांग्रेस को कमजोर करने के लिए हर संभव हद पार कर रही है। अब देखना यह है कि भाजपा इस “इच्छाधारी नाग” वाले तंज पर क्या पलटवार करती है।

















