Middle East इस वक्त बारूद के ढेर पर बैठा है। इजरायल द्वारा किए गए ताजा हमले ने पूरे क्षेत्र में तनाव को चरम पर पहुँचा दिया है। इस ‘पहले वार’ के बाद अब दुनिया की सांसें थमी हुई हैं कि क्या ईरान अपने वादे के मुताबिक इजरायल पर पलटवार करेगा?
इजरायल के कई शहरों में इस वक्त युद्ध के सायरन गूंज रहे हैं। सरकार ने हाई अलर्ट जारी करते हुए नागरिकों को तुरंत सुरक्षित स्थानों और बम शेल्टरों में जाने की सलाह दी है। तेल अवीव से लेकर हाइफा तक, सुरक्षा एजेंसियां किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मुस्तैद हैं।
रक्षा विशेषज्ञों और सरकारी सूत्रों का मानना है कि ईरान चुप नहीं बैठेगा। आशंका जताई जा रही है कि ईरान आने वाले घंटों में ड्रोन और लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों से भीषण हमला कर सकता है।
बताया जा रहा है कि दर्जनों ड्रोन के जरिए इजरायल के एयर डिफेंस को चकमा देने की कोशिश भी की जाएगी। क्योंकि ईरान की घातक मिसाइलें जो मिनटों में दूरी तय करने में सक्षम हैं। वहीं इसे प्रॉक्सि वॉर भी माना जा रहा है क्योंकि हिजबुल्ला और हूती विद्रोहियों का एक साथ सक्रिय होना इसी तरफ इशारा कर रही है।
युद्ध विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ईरान प्रतिक्रिया देता है, तो यह संघर्ष एक Full-scale War में बदल सकता है। दुनिया भर के नेता संयम बरतने की अपील कर रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है।
अब सबकी नजरें तेहरान के अगले कदम पर टिकी हैं—क्या यह सिर्फ धमकियों तक सीमित रहेगा या आसमान से मिसाइलों की बारिश शुरू होगी?

















