उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में एक बार फिर सियासी भूचाल आ गया है। तीन साल पुराने इस मामले में नए आरोप सामने आए हैं, जिसमें एक ‘वीआईपी’ की संलिप्तता का दावा किया जा रहा है। पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर की कथित पत्नी और टीवी एक्ट्रेस उर्मिला सनावर के वायरल वीडियो और ऑडियो ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है। उर्मिला ने वीडियो में भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव एवं उत्तराखंड प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम (जिन्हें ‘गट्टू’ कहा गया) और अन्य नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि रिजॉर्ट में अंकिता पर ‘स्पेशल सर्विस’ देने का दबाव था, जिसका विरोध करने पर उसकी हत्या हुई।
यह मामला 18 सितंबर 2022 का है, जब 19 साल की अंकिता भंडारी ऋषिकेश के यमकेश्वर स्थित वनंतरा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट थीं। रिजॉर्ट मालिक पुलकित आर्य (पूर्व भाजपा नेता विनोद आर्य के बेटे) और उसके दो कर्मचारियों सौरभ भास्कर व अनkit गुप्ता ने कथित तौर पर अंकिता की हत्या कर शव चीला नहर में फेंक दिया। मई 2025 में कोर्ट ने तीनों को उम्रकैद की सजा सुनाई, लेकिन ‘वीआईपी’ का नाम कभी सार्वजनिक नहीं हुआ। अब उर्मिला के खुलासे से विपक्षी कांग्रेस हमलावर हो गई है। कांग्रेस ने सीबीआई जांच की मांग की और आरोप लगाया कि भाजपा सरकार आरोपी वीआईपी को बचा रही है।
दूसरी तरफ, भाजपा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। दुष्यंत गौतम ने इसे ‘आपराधिक साजिश’ बताते हुए उत्तराखंड सरकार से वीडियो हटाने की मांग की। उर्मिला सनावर और सुरेश राठौर के खिलाफ देहरादून व हरिद्वार में FIR दर्ज हो चुकी है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि यह राजनीतिक साजिश है।अंकिता के पिता वीरेंद्र भंडारी ने नए खुलासों पर इंसाफ की गुहार लगाई है। उन्होंने कहा कि बेटी की हत्या के पीछे बड़े लोग शामिल हैं, जिन्हें बचाया जा रहा है। मां सोनी देवी ने भी उर्मिला से सबूत कोर्ट में पेश करने की अपील की और सभी बेटियों की सुरक्षा के लिए सख्त सजा की मांग की। परिवार ने पहले भी रिजॉर्ट ध्वस्त करने और सबूत मिटाने के आरोप लगाए थे।यह मामला उत्तराखंड की राजनीति में गरमा गया है। कांग्रेस प्रदर्शन कर रही है, जबकि भाजपा इसे चुनावी स्टंट बता रही है। क्या ‘वीआईपी’ का राज खुलेगा? फिलहाल जांच जारी है, लेकिन अंकिता को पूर्ण इंसाफ मिलने का इंतजार अभी बाकी है।








