राजस्थान में सरकारी नौकरी हथियाने के लिए जालसाजों ने इस बार ‘खेल कोटे’ को अपना हथियार बनाया, लेकिन एक छोटी सी मानवीय चूक ने पूरे गिरोह का भंडाफोड़ कर दिया। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती-2022 में फर्जी खेल प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी पाने वाले 19 अभ्यर्थियों समेत कुल 20 लोगों को गिरफ्तार किया है।
इस पूरे घोटाले के पर्दाफाश की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है। जांच के दौरान शिक्षा विभाग को मिले एक वेरिफिकेशन ई-मेल ने अधिकारियों का माथा ठनका दिया। ई-मेल में ‘Secretary’ शब्द की स्पेलिंग गलत लिखी हुई थी।
जब एसओजी ने इस तकनीकी पहलू की गहराई से जांच की, तो चौंकाने वाला सच सामने आया। ताइक्वांडो फेडरेशन के नाम से फर्जी ई-मेल आईडी बनाकर 39 अभ्यर्थियों के सर्टिफिकेट वेरिफाई किए गए थे।
जांच में पता चला कि ये ई-मेल भारत से नहीं, बल्कि दुबई से भेजे गए थे। दुबई में बैठकर विमलेंदु कुमार झा नामक व्यक्ति ने ये फर्जी वेरिफिकेशन मेल भेजे थे। ताइक्वांडो फेडरेशन ने स्पष्ट किया है कि उनके संगठन में इस नाम का कोई व्यक्ति नहीं है।
SOG के एडीजी विशाल बंसल के नेतृत्व में गुरुवार को प्रदेश भर में भारी पुलिस जाब्ते के साथ रेड की गई। यह कार्रवाई राजस्थान के फलोदी, जोधपुर, जालोर, बीकानेर, हनुमानगढ़, भीलवाड़ा, सीकर, झुंझुनूं, नागौर और बालोतरा समेत 14 जिलों और पड़ोसी राज्य हरियाणा में एक साथ की गई।
एसओजी ने अब तक 19 आरोपी अभ्यर्थियों और विमलेंदु के सहयोगी रवि शर्मा को गिरफ्तार कर लिया है। सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें 16 तारीख तक रिमांड पर भेज दिया गया है।
इस खुलासे के बाद अब राजस्थान में अन्य भर्तियों में खेल कोटे से नौकरी पाने वाले अभ्यर्थियों के दस्तावेजों पर भी शक की सुई घूम गई है। एसओजी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस गिरोह ने अन्य परीक्षाओं में भी इसी तरह से फर्जीवाड़ा किया है।
















