पश्चिम बंगाल के नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी के करीबी और पर्सनल असिस्टेंट (PA) चंद्रनाथ रथ की सनसनीखेज हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। जांच एजेंसियों ने यूपी और बिहार में छापेमारी कर तीन संदिग्धों को दबोचा है। पकड़े गए आरोपियों में मयंक राज मिश्रा, विक्की मौर्य (बिहार, बक्सर) और राज सिंह (अयोध्या, उत्तर प्रदेश) शामिल हैं। पुलिस को अंदेशा है कि इनमें से एक पेशेवर शार्पशूटर हैं।
हाई-प्रोफाइल मर्डर मिस्ट्री को सुलझाने में तकनीक सबसे बड़ा हथियार साबित हुई। वारदात को अंजाम देकर भाग रहे आरोपियों की लाल रंग की कार बाली टोल प्लाजा पर सीसीटीवी (CCTV) में कैद हुई थी। जांच में पता चला कि कार में मौजूद एक आरोपी ने टोल टैक्स का भुगतान UPI (डिजिटल पेमेंट) के जरिए किया था। इसी एक ट्रांजैक्शन से जुड़ा मोबाइल नंबर पुलिस के हाथ लग गया, जिससे पूरी साजिश की कड़ियां खुलती चली गईं।
4 मई को बंगाल चुनाव नतीजों के ठीक दो दिन बाद, मध्यमग्राम इलाके में 42 वर्षीय चंद्रनाथ रथ की हत्या को बड़ी ही बारीकी से अंजाम दिया गया था। उसी दिन रात 09:00 बजे के करीब चंद्रनाथ कोलकाता से अपनी स्कॉर्पियो से मध्यमग्राम स्थित घर के लिए निकले। वहीं रात 10:00 बजे सीसीटीवी फुटेज में उनकी गाड़ी के पीछे एक संदिग्ध कार और दो बाइकें नजर आईं। जबकि रात 10:30 बजे दोहरिया जंक्शन के पास एक सिल्वर निसान माइक्रा ने उनकी स्कॉर्पियो को ओवरटेक कर रास्ता रोका।
इससे पहले कि चंद्रनाथ कुछ समझ पाते, बाइक सवार हमलावरों ने ग्लॉक 47X (Glock 47X) जैसी आधुनिक पिस्टल से 10 राउंड फायरिंग की। सीने और पेट में 3 गोलियां लगने से उनकी मौत हो गई। जब गोली चली, मैं उनके साथ फोन पर था भाजपा विधायक शंकर घोष ने दावा किया कि हत्या के वक्त चंद्रनाथ उनसे शपथ ग्रहण समारोह को लेकर फोन पर बात कर रहे थे। अचानक गोलियों की गूँज सुनाई दी और फिर सन्नाटा छा गया।
पुलिस जांच के अनुसार, यह कोई साधारण अपराध नहीं बल्कि एक सोची-समझी कॉर्पोरेट स्टाइल किलिंग थी। हमले में ग्लॉक पिस्टल का इस्तेमाल हुआ, जो आम अपराधियों की पहुंच से बाहर है। मौके पर छोड़ी गई कार और 4 किमी दूर मिली बाइक, दोनों पर फर्जी नंबर प्लेट थीं। इंजन और चेसिस नंबर तक मिटा दिए गए थे। साजिश में कम से कम 8 लोग शामिल थे, जिन्होंने कई दिनों तक चंद्रनाथ की मूवमेंट पर नजर रखी थी।
चंद्रनाथ रथ केवल एक PA नहीं, बल्कि सुवेंदु अधिकारी के भरोसेमंद रणनीतिकार थे। पूर्व एयरफोर्स अफसर रह चुके चंद्रनाथ शांत और लो-प्रोफाइल रहने के शौकीन थे। भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र में ममता बनर्जी के खिलाफ सुवेंदु अधिकारी के चुनाव अभियान की पूरी कमान चंद्रनाथ ने ही संभाली थी। उनका परिवार दशकों से राजनीति में है। सुवेंदु के साथ ही उनकी मां हाशी रथ भी टीएमसी छोड़कर भाजपा में शामिल हुई थीं।
जांच एजेंसियां अब इस हत्याकांड के \’मास्टरमाइंड\’ और \’फंडिंग\’ के स्रोतों का पता लगा रही हैं ताकि यह साफ हो सके कि इस हत्या के पीछे राजनीतिक रंजिश है या कोई और गहरी साजिश।