अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर भारत को रूस से तेल खरीदने पर कड़ी चेतावनी दी है। 5 जनवरी 2026 को एयर फोर्स वन पर पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि अगर भारत रूसी तेल आयात जारी रखता है, तो अमेरिका बहुत जल्दी टैरिफ़ बढ़ा सकता है, जो भारत के लिए बहुत बुरा होगा। ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ़ करते हुए कहा, “मोदी बहुत अच्छे आदमी हैं। वह जानते थे कि मैं खुश नहीं था, और मुझे खुश रखना उनके लिए महत्वपूर्ण था।” उन्होंने दावा किया कि भारत ने रूसी तेल आयात कम किया ताकि उन्हें खुश किया जा सके। ट्रंप के साथ मौजूद अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने भी दावा किया कि ट्रंप की टैरिफ़ नीति की वजह से भारत अब रूस से काफी कम तेल खरीद रहा है। ग्राहम ने बताया कि दिसंबर 2025 में भारतीय राजदूत विनय क्वात्रा ने उनसे मुलाकात में रूसी तेल आयात कम होने का जिक्र किया और टैरिफ़ कम करने की अपील की। ग्राहम एक विधेयक का समर्थन कर रहे हैं, जो रूसी तेल खरीदने वाले देशों पर 500% तक टैरिफ़ लगा सकता है।
यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत-अमेरिका व्यापार वार्ताएं चल रही हैं। अगस्त 2025 में अमेरिका ने भारत पर 50% टैरिफ़ लगाया था, जिसमें आधा हिस्सा रूसी तेल खरीद के लिए दंड था। डेटा के अनुसार, नवंबर 2025 में रूसी तेल आयात छह महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गया, लेकिन दिसंबर में तीन साल के निचले स्तर पर गिर गया। भारत ने अमेरिकी तेल आयात भी बढ़ाया है, जो ऊर्जा सुरक्षा और व्यापार संतुलन का हिस्सा है। ट्रंप के बयानों पर भारत में विपक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस ने इसे भारत का अपमान करार दिया और कहा कि मोदी सरकार अमेरिकी दबाव में झुक रही है। कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने ट्रंप की टिप्पणी को “मोगैंबो खुश हुआ” से जोड़ते हुए मोदी पर निशाना साधा। जयराम रमेश ने पूछा कि “नमस्ते ट्रंप” और “हाउडी मोदी” जैसे आयोजनों का क्या फायदा, जब ट्रंप भारत को धमका रहे हैं? विपक्ष ने मांग की कि पीएम मोदी संसद में जवाब दें और स्पष्ट करें कि क्या भारत की विदेश नीति अब अमेरिकी खुशी पर निर्भर है?
यह घटना भारत-अमेरिका संबंधों में नई तनाव पैदा कर सकती है। भारत अपनी ऊर्जा नीति में स्वतंत्रता बनाए रखना चाहता है, जबकि अमेरिका रूस पर दबाव बढ़ा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत को सस्ता रूसी तेल छोड़ना महंगा पड़ सकता है, लेकिन व्यापार सौदा बचाने के लिए संतुलन बनाना जरूरी है।








