वाशिंगटन, 12 जनवरी 2026: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर दुनिया को चौंका दिया। शुक्रवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए ट्रंप ने खुद को वेनेजुएला का ‘कार्यवाहक राष्ट्रपति’ घोषित कर दिया। उन्होंने दावा किया कि वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद देश में ‘शून्य’ पैदा हो गया है, और वे ही अब वेनेजुएला की कमान संभालेंगे। ट्रंप ने कहा, “मैंने वेनेजुएला को बचाया है। अब 50 मिलियन बैरल तेल अमेरिका आ रहा है—यह अमेरिका फर्स्ट की जीत है!” यह बयान ऐसे समय आया है जब वेनेजुएला में राजनीतिक संकट चरम पर है, और अमेरिका ने मादुरो पर प्रतिबंध कड़े कर दिए हैं।ट्रंप का यह दावा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवादास्पद है। वेनेजुएला में विपक्षी नेता जुआन गुआइदो को 2019 में अमेरिका ने अंतरिम राष्ट्रपति मान्यता दी थी, लेकिन मादुरो की सरकार बनी रही। हाल ही में, दिसंबर 2025 में मादुरो को कोलंबिया बॉर्डर पर गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद वेनेजुएला में अराजकता फैल गई। ट्रंप ने अपने पोस्ट में लिखा कि उन्होंने ‘गुप्त समझौते’ के तहत वेनेजुएला की तेल कंपनी PDVSA से 50 मिलियन बैरल (करीब 5 करोड़ बैरल) कच्चे तेल का सौदा किया है, जो अमेरिकी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करेगा। उन्होंने जोर दिया कि यह तेल ‘अमेरिका को मजबूत बनाएगा’ और ‘बाइडेन की कमजोर नीतियों’ को उलट देगा।
व्हाइट हाउस के प्रवक्ता ने ट्रंप के बयान को ‘व्यक्तिगत राय’ बताया, लेकिन पुष्टि की कि अमेरिका वेनेजुएला से तेल आयात बढ़ाने पर विचार कर रहा है। ऊर्जा विशेषज्ञों के अनुसार, वेनेजुएला के पास दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडार हैं, लेकिन प्रतिबंधों के कारण निर्यात गिरा है। ट्रंप का यह कदम OPEC+ को प्रभावित कर सकता है, जहां रूस और सऊदी अरब प्रमुख हैं। ट्रंप ने कहा, “मादुरो चला गया, अब मैं हूं—वेनेजुएला अमेरिका का दोस्त बनेगा।”
यह घटना ट्रंप की विदेश नीति की आक्रामक शैली को दर्शाती है। 2024 चुनाव जीतने के बाद उन्होंने ईरान, चीन और अब वेनेजुएला पर फोकस बढ़ाया है। विपक्षी डेमोक्रेट्स ने इसे ‘असंवैधानिक’ बताया और कहा कि ट्रंप अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन कर रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र ने चिंता जताई कि इससे लैटिन अमेरिका में अस्थिरता बढ़ेगी। वेनेजुएला की अंतरिम सरकार ने ट्रंप के दावे को ‘हास्यास्पद’ करार दिया, लेकिन कुछ विपक्षी नेताओं ने अमेरिकी समर्थन का स्वागत किया।
तेल बाजार में इस खबर से हलचल मच गई। ब्रेंट क्रूड की कीमतें 2% गिरकर 72 डॉलर प्रति बैरल पर आ गईं, क्योंकि अतिरिक्त आपूर्ति की आशंका है। ट्रंप ने अपने पोस्ट में तेल सौदे की ‘डील ऑफ द सेंचुरी’ कहा और दावा किया कि इससे अमेरिकी गैस कीमतें 1 डॉलर प्रति गैलन कम होंगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह सौदा कानूनी चुनौतियों का सामना करेगा, क्योंकि PDVSA पर अमेरिकी प्रतिबंध हैं। फिर भी, ट्रंप की यह घोषणा उनके ‘अमेरिका फर्स्ट’ एजेंडे का हिस्सा लगती है, जो ऊर्जा स्वतंत्रता पर जोर देता है।दुनिया भर में इस बयान की प्रतिक्रियाएं मिली-जुली हैं। रूस ने इसे ‘अमेरिकी साम्राज्यवाद’ कहा, जबकि इजरायल ने समर्थन किया। ट्रंप ने आगे कहा कि वे जल्द वेनेजुएला जाकर ‘नई सरकार’ की घोषणा करेंगे। यह देखना बाकी है कि यह बयान कितना अमल में आएगा, लेकिन इससे वैश्विक राजनीति में नया मोड़ आ सकता है।








