उत्तर प्रदेश की सियासत में जनवरी 2026 की शुरुआत में एक दिलचस्प घटना ने सुर्खियां बटोरीं। जौनपुर के पूर्व सांसद और बाहुबली नेता धनंजय सिंह गोंडा पहुंचे, जहां पूर्व कुश्ती महासंघ अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के जन्मदिन पर आयोजित ‘राष्ट्र कथा महोत्सव’ में शामिल हुए। यह कार्यक्रम अयोध्या के प्रक्षेत्र नंदिनी निकेतन में चल रहा था, जहां राम कथा और राष्ट्र कथा का आयोजन हो रहा है। धनंजय सिंह ने व्यासपीठ पर पहुंचकर आशीर्वाद लिया। इस दौरान कैसरगंज से बीजेपी सांसद करण भूषण सिंह (बृजभूषण शरण सिंह के बेटे) उनके पैर छूते नजर आए। धनंजय ने उन्हें गले लगाया। यह नजारा सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और यूपी की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया।
यह कार्यक्रम बृजभूषण के जन्मदिन पर भंडारे और कथा का हिस्सा था, जिसमें लाखों लोग शामिल हुए। मंच पर पूर्वांचल के कई बाहुबली नेता जैसे बृजेश सिंह भी नजर आए। धनंजय सिंह का यहां पहुंचना खास इसलिए था क्योंकि वे जौनपुर से हैं और बृजभूषण गोंडा-कैसरगंज के प्रभावशाली नेता। दोनों के बीच पुराने रिश्ते बताए जा रहे हैं। करण भूषण का धनंजय के पैर छूना सम्मान का प्रतीक माना जा रहा है, जो भारतीय संस्कृति में आम है। लेकिन सियासी गलियारों में इसे 2027 के विधानसभा चुनावों से जोड़ा जा रहा है। धनंजय सिंह हाल ही में कुछ विवादों में रहे हैं, लेकिन इस मुलाकात से बीजेपी खेमे में उनकी नजदीकी दिख रही है। पहले भी धनंजय ने लोकसभा चुनाव में बीजेपी को समर्थन दिया था।

इस घटना के बाद धनंजय मीडिया से नाराज भी दिखे, जब अखिलेश यादव का नाम लिया गया तो वे भड़क उठे। कुल मिलाकर, यह मुलाकात यूपी में ठाकुर राजनीति और गठजोड़ की नई तस्वीर पेश कर रही है। कार्यक्रम में RSS नेता भी मौजूद थे, जो इसे और महत्वपूर्ण बनाता है। यह आयोजन धार्मिक और सियासी दोनों स्तर पर चर्चित रहा, जहां बाहुबलियों का जमावड़ा देखने को मिला। आने वाले दिनों में इसका असर यूपी की राजनीति पर पड़ सकता है।










