दिल्ली-एनसीआर के लाखों यात्रियों के लिए बड़ी राहत! 24 दिसंबर 2025 को केंद्रीय कैबिनेट ने दिल्ली मेट्रो के फेज-5A को मंजूरी दी। इस प्रोजेक्ट की लागत 12,015 करोड़ रुपये है, जिसमें 16.076 किमी के तीन नए कॉरिडोर बनेंगे और 13 नए स्टेशन (10 अंडरग्राउंड, 3 एलिवेटेड) जुड़ेंगे। तीन साल में पूरा होने वाले इस विस्तार से मेट्रो नेटवर्क 400 किमी पार कर जाएगा, जिससे ट्रैफिक जाम और प्रदूषण कम होगा। तीन नए कॉरिडोर हैं: पहला, आरके आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ (9.913 किमी) – मैजेंटा लाइन का एक्सटेंशन, जो सेंट्रल विस्टा, इंडिया गेट और कर्तव्य पथ को जोड़ेगा। इससे 60,000 सरकारी कर्मचारी और 2 लाख विजिटर्स को फायदा। दूसरा, एरोसिटी से आईजीआई एयरपोर्ट टर्मिनल-1 (2.263 किमी) – घरेलू एयरपोर्ट की सीधी कनेक्टिविटी। तीसरा, तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज (3.9 किमी) – गोल्डन लाइन का हिस्सा, जिसमें सरिता विहार डिपो, मदनपुर खादर और कालिंदी कुंज स्टेशन।
सबसे बड़ा असर नोएडा, फरीदाबाद और गुरुग्राम के यात्रियों पर पड़ेगा। अभी बोटेनिकल गार्डन (नोएडा) से हुडा सिटी सेंटर (गुरुग्राम) मेट्रो से 77 मिनट लगते हैं (मैजेंटा से हौज खास बदलकर येलो लाइन)। नए रूट से कालिंदी कुंज तक मैजेंटा लाइन, फिर गोल्डन लाइन पर छतरपुर और येलो लाइन से गुरुग्राम – कुल समय सिर्फ 45 मिनट!
ये कॉरिडोर साउथ दिल्ली को एयरपोर्ट और एनसीआर से बेहतर जोड़ेंगे। फरीदाबाद-नोएडा से गुरुग्राम का वैकल्पिक रूट हौज खास के बोझ को कम करेगा। इससे रोजाना का सफर तेज, सस्ता और पर्यावरण-अनुकूल बनेगा।पैराग्राफ 5: दिल्ली मेट्रो पहले से 395 किमी का है और रोज 65 लाख यात्री इस्तेमाल करते हैं। फेज-5A से पब्लिक ट्रांसपोर्ट मजबूत होगा, कार्बन उत्सर्जन 33,000 टन सालाना कम होगा। एनसीआर की कनेक्टिविटी में क्रांति आएगी!








