वाम मोर्चा के अध्यक्ष बिमान बसु के एक बयान ने बंगाल की सियासत में नयी चर्चा को जन्म दे दिया है। विधानसभा चुनाव में हुमायूं कबीर की जनता उन्नयन पार्टी के साथ हाथ मिलाने के सवाल पर वाम मोर्चा के अध्यक्ष ने संभावना को खारिज नहीं किया है। बंगाल में तृणमूल कांग्रेस को हराने के लिए राजनीतिक दल एक दूसरे का हाथ थामने को तैयार हैं। वर्षों तक बंगाल की सत्ता में रहनेवाली कम्युनिस्ट भी नये सहयोगी की तलाश में है। तृणमूल से बाहर होने के बाद नयी-नयी पार्टी बनानेवाले हुमायूं कबीर भी गठबंधन के लिए सहयोगी की तलाश में हैं। कबीर वामपंथी दलों के साथ गठबंधन में रुचि रखते हैं, लेकिन वो भाजपा से भी करीब का रिश्ता बनाने का प्रयास कर रहे हैं।
हुमायूं कबीर अपनी सभाओं में तृणमूल को सत्ता से हटाने पर जोर देते हैं। हुमायूं कबीर ने साफ शब्दों में कहा है कि वो हर उस दल के साथ हाथ मिला सकते हैं, जो ममता बनर्जी को सत्ता से हटाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने इसके लिए भाजपा जैसी पार्टी के साथ भी जाने की बात कही है। उन्होंने कांग्रेस, आईएसएफ और एमआईएम को भी संदेश भेजा है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी के साथ गठबंधन के द्वार 30 जनवरी तक खुले हैं। हुमायूं कबीर ने भाजपा को सत्ता से दूर रखने की चाह रखने वालों को ममता का सहयोगी बताया है। उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी अगली सरकार में होगी, वो अगले चुनाव में कम से कम 101 सीटें मिलेंगी। उन्होंने कहा कि अगर उनकी मदद से बंगाल में भाजपा की सरकार बनती है तो वो भाजपा को समर्थन देंगे।
विधानसभा चुनावों के लिए गठबंधन पर वाम मोर्चे में फिर से चर्चा शुरू हुई है। आईएसएफ विधायक नौशाद सिद्दीकी ने बिमान बसु से बात की है। इस मसले पर पत्रकारों से बात करते हुए वाम मोर्चे के अध्यक्ष बिमान बसु ने कहा- वाम मोर्चे में गठबंधन को लेकर चर्चा चल रही है। अभी ऐसी कोई स्थिति नहीं है कि बाहर कुछ कहा जाए। इसलिए मैं बाहर कुछ नहीं कह रहा हूं। नौशाद के साथ बातचीत चल रही है। बातचीत अभी खत्म नहीं हुई है। जब पत्रकार ने पूछा कि क्या हुमायूं कबीर वामपंथियों के साथ गठबंधन में रुचि रखते हैं? क्या वाम मोर्चा तक उनकी पार्टी के साथ गठबंधन करेगा? इस के उत्तर में वाम मोर्चे के अध्यक्ष ने कहा-हुमायूं कबीर से इस बारे में कोई बात नहीं हुई है। उन्होंने मीडिया के माध्यम से बात की है। उनका कोई प्रस्ताव अब तक हमारे पास नहीं आया है, जब आयेगा तब हम उसपर विचार करेंगे।
बिमान बसु ने हुमायूं कबीर के साथ गठबंधन की संभावना को पूरी तरह से खारिज नहीं किया है। उन्होंने प्रसताव आने पर विचार करने की बात कही है। बंगाल के सियासी गलियारे में उनके बयान को लेकर चर्चा तेज हो गयी है। हुमायूं कबीर के प्रसताव पर विचार की बात दोनों दलों के बीच गठबंधन की संभावना को मजबूत कर रहा है। इस संबंध में तृणमूल प्रवक्ता तन्मय घोष ने कहा-बिमान बसु निश्चित रूप से यह नहीं भूले हैं कि हुमायूं कबीर खुलेआम कह रहे हैं कि वह भाजपा के समर्थन से सत्ता में आना चाहते हैं.। बिमान बसु ऐसे व्यक्ति के संपर्क में कैसे हैं, जो खुलेआम भाजपा के साथ मिलीभगत की बात स्वीकार कर रहा है। क्या बिमान बसु किसी भी कीमत पर एक-दो सीटें हासिल करने के लिए उस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। पश्चिम बंगाल की राजनीति में यह एक गलत परंपरा होगी।





































