खेल के मैदान पर चौके-छक्के बरसाने वाले खिलाड़ी आज एक अनचाही बेबसी के बीच फंसे हैं। मिडिल-ईस्ट में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच गहराते युद्ध के संकट ने क्रिकेट की दुनिया की रफ्तार पर भी ब्रेक लगा दिया है। हालात इतने नाजुक हैं कि टी-20 वर्ल्ड कप से बाहर होने के बाद भी वेस्टइंडीज की टीम भारत में ही ठहरने को मजबूर है।
वेस्टइंडीज टीम के हेड कोच और पूर्व दिग्गज खिलाड़ी डैरेन सैमी ने सोशल मीडिया पर अपनी पीड़ा साझा की है। उन्होंने एक बेहद भावुक पोस्ट में लिखा कि मैं बस अब अपने घर जाना चाहता हूँ।
सैमी का यह संदेश उस मानसिक तनाव को दर्शाता है, जिससे खिलाड़ी और उनका परिवार इस वक्त गुजर रहा है। टीम इंडिया से मिली 5 विकेट की हार के साथ 1 मार्च को ही विंडीज का वर्ल्ड कप सफर खत्म हो गया था, लेकिन 4 दिन बीत जाने के बाद भी टीम का कोई सदस्य उड़ान नहीं भर सका है।
मिडिल-ईस्ट (मध्य-पूर्व) में चल रहे युद्ध के कारण दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट सहित खाड़ी देशों के हवाई मार्ग पूरी तरह प्रभावित हुए हैं। सुरक्षा कारणों से उड़ानों को रद्द या डायवर्ट किया गया है, जिसकी वजह से वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे जैसी टीमों के लिए सुरक्षित रूट नहीं मिल पा रहा है।
क्रिकेट वेस्टइंडीज बोर्ड का कहना है कि वे खिलाड़ियों की सुरक्षित घर वापसी के लिए ICC और सरकारी अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हैं। पीटीआई के अनुसार, बीसीसीआई सूत्रों ने पुष्टि की है कि टीम फिलहाल भारत में ही है, लेकिन उनकी रवानगी को लेकर अभी कोई समय सीमा तय नहीं है। सिर्फ वेस्टइंडीज ही नहीं, जिम्बाब्वे की टीम भी इसी युद्ध के हालातों के कारण अपने देश नहीं लौट पा रही है।
मैदान पर हार का गम तो था ही, लेकिन अब अपनों से दूर एक अनिश्चित इंतजार ने इन खिलाड़ियों को और भी भावुक कर दिया है। पूरी दुनिया अब दुआ कर रही है कि मिडिल-ईस्ट में शांति बहाल हो और ये खिलाड़ी सुरक्षित अपने घर लौट सकें।

















