बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर लक्षित हमलों का सिलसिला जारी है। 5 जनवरी 2026 को जेसोर जिले के मोनिरामपुर उपजिला में 45 वर्षीय हिंदू कारोबारी और पत्रकार राणा प्रताप बैरागी की अज्ञात हमलावरों ने दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी। बैरागी आइस फैक्ट्री के मालिक थे और स्थानीय अखबार ‘दैनिक बीडी खबर’ के कार्यकारी संपादक भी। घटना कपलिया बाजार में शाम करीब 5:45 बजे हुई। गवाहों के अनुसार, मोटरसाइकिल सवार तीन हमलावरों ने उन्हें फैक्ट्री से बाहर बुलाया, सिर में तीन गोलियां मारीं और गला रेतकर फरार हो गए। मौके से सात खाली कारतूस बरामद हुए। पुलिस ने जांच शुरू की है, लेकिन मकसद स्पष्ट नहीं।
यह घटना उसी दिन की दूसरी वारदात थी। रात करीब 11 बजे नरसिंगदी जिले के चरसिंदूर बाजार में 40 वर्षीय हिंदू किराना दुकानदार मोनी चक्रवर्ती (या शरत चक्रवर्ती मणि) पर तेज धारदार हथियारों से हमला हुआ, जिसमें उनकी मौत हो गई। परिवार का कहना है कि उनका किसी से कोई विवाद नहीं था।ये हत्याएं पिछले तीन हफ्तों में हिंदू समुदाय पर हुई पांचवीं और छठी बड़ी वारदात हैं।
इससे पहले दिसंबर 2025 में दीपू चंद्र दास की लिंचिंग, बजेंद्र बिस्वास की गोलीबारी, खोकन चंद्र दास पर चाकू हमला और आग लगाना जैसी घटनाएं हुईं। शेख हसीना सरकार के गिरने के बाद कट्टरपंथी ताकतों के उभार से अल्पसंख्यकों में दहशत है। हिंदू संगठनों ने अंतरिम सरकार पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया। भारत ने भी लगातार चिंता जताई है। पुलिस जांच कर रही है, लेकिन समुदाय में सुरक्षा की मांग तेज हो गई है।











