पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग द्वारा चलाए जा रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) के खिलाफ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। ममता बनर्जी खुद कोर्ट पहुंचीं और वकीलों की कतार में सबसे आगे खड़ी दिखीं। उन्होंने बेंच के तीनों जजों का अभिवादन किया और कहा, “मैं इसी राज्य से हूं, मैं स्थिति को ठीक से समझा सकती हूं।” उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें न्याय नहीं मिल रहा है। वे एक सामान्य परिवार से हैं, लेकिन अपनी पार्टी और लोगों के लिए लड़ रही हैं।
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) ने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार भी केस लड़ रही है, और सिब्बल, गोपाल जैसे वरिष्ठ वकील बहस कर रहे हैं। इस पर ममता ने जवाब दिया कि जब वकील शुरू से ही लड़ रहे हैं, रिकॉर्ड पर बार-बार बातें रखी जा चुकी हैं, छह बार ECI को पत्र लिखा गया लेकिन कोई जवाब नहीं मिला, तो यह महसूस होना स्वाभाविक है कि न्याय कहीं पिछले दरवाजे पर अटक गया है। उन्होंने 5 मिनट बोलने की इजाजत मांगी।
CJI ने कहा कि कोई दिक्कत नहीं है, हम 15 मिनट देंगे, लेकिन पहले हमारी बात सुन लीजिए। CJI ने आगे कहा कि हर समस्या का समाधान होता है, इस समस्या का भी हल निकालेंगे। आपकी राज्य सरकार यहां है, आपकी पार्टी यहां है, आपके पास देश के सबसे वरिष्ठ वकील हैं। हमने आपकी ओर से उठाई गई समस्याओं को रिकॉर्ड पर स्वीकार किया है, लेकिन हर समस्या का समाधान होता है।ममता ने कहा कि पहले मुझे बोलने और अपनी बात पूरी करने दीजिए। मैं कुछ तस्वीरें और उदाहरण देना चाहती हूं, सारे बंगाली अखबारों ने इसे छापा है। हम समस्या का समाधान चाहते हैं और अपने दायित्व से पीछे नहीं हटेंगे।
कोर्ट ने माना कि ममता द्वारा उठाया गया मुद्दा वास्तविक है और यह नहीं चाहता कि भाषा की दिक्कतों या नाम की स्पेलिंग में अंतर के कारण किसी को मतदाता सूची से बाहर किया जाए। ममता ने कहा कि कुछ बेटियां शादी के बाद ससुराल चली गई हैं, लेकिन उनके नाम सूची में शामिल नहीं किए गए। चुनाव आयोग आपके आदेशों का उल्लंघन कर रहा है। कई BLO (Booth Level Officers) की मौत हो चुकी है। बंगाल को टारगेट किया जा रहा है, असम को क्यों नहीं? उन्होंने दोहराया कि ECI आपके आदेशों का उल्लंघन कर रहा है। CJI ने कहा कि आधार पर अभी नहीं बोलेंगे, हमारा फैसला सुरक्षित है। CJI बार-बार उन्हें “Madam Mamata” कहकर संबोधित कर रहे थे।
ममता ने कहा कि ये लोग सरकारी और डोमिसाइल सर्टिफिकेट नहीं मान रहे, चुनाव आयोग व्हाट्सएप कमीशन बन गया है। इस पर ECI ने विरोध जताया और कहा कि आरोप गलत है, आयोग राज्य सरकार से सहयोग कर रहा है। CJI ने कहा कि Madam Mamata, आपके वकील श्याम दीवान की क्षमता पर कोई शक नहीं, आपने बहुत अच्छा वकील चुना है। उन्हें बहस करने दें। हम सोमवार को मामले की सुनवाई करेंगे और कोई व्यावहारिक हल निकाल लेंगे।
ममता ने कहा कि सिर्फ बंगाल में माइक्रो ऑब्जर्वर रखे गए हैं, बंगाल को टारगेट किया जा रहा है। उन्होंने हाथ जोड़कर कहा, “सेव डेमोक्रेसी।” इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने एक प्रख्यात लेखक को नोटिस भेजने पर फटकार लगाई। ममता ने कहा कि बंगाल को बुलडोज करने की कोशिश हो रही है। याचिका पर नोटिस जारी हुआ है और अगली सुनवाई सोमवार को होगी।









































