पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और TMC प्रमुख ममता बनर्जी ने शुक्रवार को राज्यसभा की चार सीटों के लिए उम्मीदवारों का ऐलान कर अपनी रणनीति से सबको चौंका दिया है। इस लिस्ट में सबसे चौंकाने वाला और विवादित नाम पश्चिम बंगाल के पूर्व डीजीपी राजीव कुमार का है, जिसे लेकर प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।
तृणमूल कांग्रेस ने जिन चार नामों पर मुहर लगाई है, वे अलग-अलग क्षेत्रों की दिग्गज हस्तियां हैं:
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राजीव कुमार: पश्चिम बंगाल के पूर्व डीजीपी।
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कोयल मल्लिक: मशहूर बंगाली अभिनेत्री।
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बाबुल सुप्रियो: पूर्व केंद्रीय मंत्री और टीएमसी नेता।
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मेनका गुरुस्वामी: देश की वरिष्ठ वकील।
उम्मीदवारों के नामों की घोषणा होते ही बीजेपी ने मोर्चा खोल दिया है। केंद्रीय मंत्री और बंगाल बीजेपी नेता सुकांत मजूमदार ने टीएमसी पर ‘अपनों को नजरअंदाज और बाहरी को तरजीह’ देने का आरोप लगाया। “TMC अपने जमीन से जुड़े कार्यकर्ताओं को भूलकर बाहरी लोगों को राज्यसभा भेज रही है। राजीव कुमार का नाम साफ करता है कि शारदा घोटाले की जांच के दौरान उन्होंने जो ‘मदद’ की थी, आज उन्हें उसी वफादारी का इनाम दिया जा रहा है।”
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि राजीव कुमार और मेनका गुरुस्वामी जैसे नामों को चुनकर ममता बनर्जी ने कानूनी और प्रशासनिक मोर्चे पर अपनी पकड़ मजबूत करने का संकेत दिया है। वहीं, कोयल मल्लिक और बाबुल सुप्रियो के जरिए ‘ग्लैमर’ और ‘अनुभव’ का संतुलन बनाने की कोशिश की गई है।

















