ICC Men’s T20 World Cup 2026 का 27 वां मुकाबला आज भारत और पाकिस्तान के बीच खेला जाएगा। कोलंबो के R. Premadasa Stadium में होने वाले इस मैच को लेकर फैंस में जबरदस्त उत्साह है। भारत ने ग्रुप स्टेज के अपने शुरुआती दोनों मैच यूएसए और नामीबिया के खिलाफ बड़े अंतर से जीते हैं। पाकिस्तान ने भी यूएसए और नीदरलैंड के खिलाफ जीत दर्ज की है। ऐसे में आज का विजेता ग्रुप ए का टॉपर बनकर सीधे सुपर-8 में जगह पक्की कर लेगा।
हालांकि हारने वाली टीम के लिए भी दरवाज़ा बंद नहीं होगा—उसे एक और मौका मिलेगा। अहम बात यह है कि सुपर-8 में कौन-सी टीम किस ग्रुप में खेलेगी, यह पहले से तय सीडिंग पर आधारित है। आईसीसी ने टूर्नामेंट से पहले ही टी20 रैंकिंग के आधार पर सुपर-8 के ग्रुप निर्धारित कर दिए हैं। यदि दोनों टीमें सुपर-8 में पहुंचती हैं, तो भारत ग्रुप X में और पाकिस्तान ग्रुप Y में खेलेगा। यानी आज के मैच के नतीजे से सुपर-8 ग्रुप असाइनमेंट पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
पाकिस्तान टीम मैनेजमेंट को अपने स्पिन अटैक—शादाब खान, उस्मान तारिक और अबरार अहमद—पर पूरा भरोसा है। दावा किया जा रहा है कि यही तिकड़ी भारत के खिलाफ मैच का रुख बदल सकती है। लेकिन आंकड़े कुछ और कहानी कहते हैं। टी20 विश्व कप इतिहास में भारत और पाकिस्तान के बीच अब तक 8 मुकाबले हुए हैं, जिनमें भारत ने 6 जीते हैं, पाकिस्तान को सिर्फ 1 जीत मिली है, जबकि 1 मैच का नतीजा नहीं निकला।
भारत ने पाकिस्तान को हराकर ही ICC Men’s T20 World Cup 2007 का खिताब जीता था। पाकिस्तान की इकलौती जीत ICC Men’s T20 World Cup 2021 में आई थी। ओवरऑल टी20 रिकॉर्ड की बात करें तो दोनों टीमें 17 बार आमने-सामने आई हैं। भारत ने 13 मैच जीते, पाकिस्तान ने 3, जबकि 1 मुकाबला टाई रहा।
हाल ही में एशिया कप 2025 में भी भारत ने पाकिस्तान को तीन बार हराया था। इन आंकड़ों के आधार पर मनोवैज्ञानिक बढ़त भारत के पास नजर आती है। भारत-पाकिस्तान मुकाबले को ‘महामुकाबला’ कहना आम बात है, लेकिन क्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल है—खासतौर पर टी20 में। यहां एक ओवर, एक स्पेल या एक पारी मैच का रुख बदल सकती है।
फिर भी आंकड़े भारत के पक्ष में हैं। अगर विश्व कप में 6-1 का रिकॉर्ड 7-1 में बदल जाए, तो हैरानी नहीं होगी। लेकिन पाकिस्तान की स्पिन चुनौती को हल्के में लेना भी भारत के लिए जोखिम भरा हो सकता है। आज कोलंबो में सिर्फ दो टीमों की टक्कर नहीं होगी—यह आंकड़ों, रणनीति और दबाव की असली परीक्षा होगी।





















