पश्चिम एशिया से इस वक्त की सबसे बड़ी और डराने वाली खबर सामने आ रही है। इजरायल ने ईरान पर ‘प्री-एम्प्टिव’ (पहले से किया गया) हमला शुरू कर दिया है। ईरान की राजधानी तेहरान आज तड़के जोरदार धमाकों से दहल उठी। इस हमले के बाद इजरायली रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने पूरे देश में ‘विशेष और स्थायी आपातकाल’ लागू करने का ऐलान कर दिया है।
ईरानी मीडिया और फार्स न्यूज एजेंसी के अनुसार, तेहरान के रिपब्लिक और यूनिवर्सिटी स्ट्रीट जैसे रिहायशी इलाकों में कई मिसाइलें गिरी हैं। इजरायली हमलों ने तेहरान स्थित न्याय मंत्रालय और सुप्रीम कोर्ट की इमारतों को निशाना बनाया है। डाउनटाउन तेहरान में धुएं का गुबार देखा गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, एक हमला ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के दफ्तर के बेहद करीब हुआ है।
हमले की गंभीरता को देखते हुए ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को तेहरान से हटाकर किसी अज्ञात सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर दिया गया है। सुरक्षा एजेंसियों ने राजधानी में बढ़ते खतरों को देखते हुए यह एहतियाती कदम उठाया है। इजरायल की शुरुआती रिपोर्ट्स ने चौंकाने वाला दावा किया है कि इस हमले में ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के आवास और एक इंटेलिजेंस हेडक्वार्टर सहित 30 ठिकानों को निशाना बनाया गया। दावा किया जा रहा है कि यह राष्ट्रपति की हत्या की एक कोशिश थी, हालांकि ईरान ने अभी तक इस पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
इजरायल के इस कदम के बाद दुनिया भर के देशों में हड़कंप मच गया है। अर्जेंटीना, ब्रिटेन, न्यूजीलैंड, यूक्रेन और आइसलैंड ने तेहरान से अपने दूतावास कर्मियों को निकाल लिया है। ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और इटली सहित कई यूरोपीय देशों ने अपने नागरिकों को तत्काल मिडिल ईस्ट छोड़ने की चेतावनी दी है। युद्ध की स्थिति को देखते हुए कई देशों ने अपना एयरस्पेस बंद कर दिया है और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कर दी गई हैं।
अल जजीरा ने एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से दावा किया है कि अमेरिका भी इजरायल के साथ मिलकर इन संयुक्त हमलों को अंजाम दे रहा है। इजरायल का कहना है कि यह हमला देश के खिलाफ बढ़ते खतरे को खत्म करने के लिए जरूरी था। अब पूरी दुनिया की नजरें ईरान के पलटवार पर टिकी हैं, जो एक पूर्ण विश्व युद्ध की चिंगारी बन सकता है।

















