टेक जगत की दिग्गज कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने अपने गेमिंग साम्राज्य (Xbox) में अब तक के सबसे बड़े नेतृत्व परिवर्तन की घोषणा की है। कंपनी के साथ 38 वर्षों का लंबा सफर तय करने वाले दिग्गज लीडर फिल स्पेंसर अब रिटायर हो रहे हैं। उनकी जगह भारतीय मूल की आशा शर्मा को माइक्रोसॉफ्ट गेमिंग का नया सीईओ और एक्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट नियुक्त किया गया है। यह बदलाव ऐसे समय में हुआ है जब गेमिंग इंडस्ट्री एआई (AI) और क्लाउड कंप्यूटिंग के एक नए दौर की ओर बढ़ रही है।
आशा शर्मा एक ऐसे समय में कमान संभाल रही हैं जब माइक्रोसॉफ्ट का गेमिंग डिवीजन कई मोर्चों पर संघर्ष कर रहा है। आशा शर्मा को ग्लोबल टेक इंडस्ट्री में “स्केलिंग विशेषज्ञ” माना जाता है। माइक्रोसॉफ्ट में वो पहले एआई मॉडल्स और सर्विसेज की हेड थीं। इससे पहले वो इंस्टाकार्ट की COO और मेटा (फेसबुक) में वाइस प्रेसिडेंट रह चुकी हैं।
उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ मिनेसोटा के कार्लसन स्कूल ऑफ मैनेजमेंट से बिजनेस की पढ़ाई की है। उनका मुख्य फोकस बड़े टेक प्लेटफॉर्म्स को स्केल करने और एआई आधारित यूजर एक्सपीरियंस को बेहतर बनाने पर रहा है। पिछले दो सालों में आशा ने अरबों लोगों तक पहुंचने वाली सर्विसेज बनाईं। आशा कंज्यूमर और डेवलपर इकोसिस्टम की गहरी समझ रखती हैं।”
आशा शर्मा ने अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कर दी हैं। उन्होंने संकेत दिया कि गेमिंग अब सिर्फ एक कंसोल तक सीमित नहीं रहेगा:
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बैरियर्स तोड़ना: डेवलपर्स के लिए ऐसे टूल बनाना कि वे एक बार गेम बनाएं और उसे पीसी, मोबाइल और क्लाउड पर बिना किसी समझौते के पेश कर सकें।
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कोर फैंस पर फोकस: उन्होंने पुराने एक्सबॉक्स फैंस के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।
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संगठनात्मक बदलाव: मैट बूटी को चीफ कंटेंट ऑफिसर बनाया गया है, जो 40 स्टूडियोज (जैसे बेथेस्डा, एक्टिविजन, किंग) की निगरानी करेंगे। हालांकि, एक्सबॉक्स प्रेसिडेंट सारा बॉन्ड कंपनी छोड़ रही हैं।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आशा शर्मा की नियुक्ति इस बात का संकेत है कि माइक्रोसॉफ्ट अब गेमिंग में AI आधारित सर्च, यूजर एंगेजमेंट और डेवलपर टूलिंग को प्राथमिकता देगा। सोनी के ‘प्लेस्टेशन’ से मिल रही कड़ी टक्कर के बीच, आशा शर्मा की ‘प्लेटफॉर्म एक्सपीरियंस’ वाली विशेषज्ञता गेमिंग युद्ध में माइक्रोसॉफ्ट का पलड़ा भारी कर सकती है।



















