बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए उन्होंने न केवल संविधान पर गर्व जताया, बल्कि देश में राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक लोकतंत्र की वास्तविक प्रगति पर गंभीर सवाल भी उठाए।
मायावती ने लिखा, “देश के सभी लोगों और दुनिया भर में रह रहे भारतीयों व उनके परिवारों को 77वें गणतंत्र दिवस की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं।” उन्होंने जोर देकर कहा कि संविधान पर गर्व तभी सार्थक है, जब सरकारों के दावों और वादों से हटकर ईमानदारी से मूल्यांकन किया जाए कि क्या वाकई लोगों के जीवन स्तर में अपेक्षित सुधार हुआ है? उन्होंने आगे कहा, “क्या केंद्र एवं राज्य सरकारों की बातें केवल छलावा हैं या संविधान की सर्व समाज हितैषी सच्ची मंशा के हिसाब से देश ने अपेक्षित विकास किया है?”
मायावती का मानना है कि ऐसी गंभीरता से सोचने पर ही देश की बड़ी समस्याओं का समाधान संभव है। इसके अलावा, उन्होंने पद्म विभूषण, पद्म भूषण, पद्मश्री और सर्वोच्च वीरता पुरस्कार प्राप्त करने वालों को भी बधाई दी। गणतंत्र दिवस के मौके पर मायावती ने बसपा संस्थापक कांशीराम को ‘भारत रत्न’ से सम्मानित करने की लंबे समय से चली आ रही मांग को दोहराया। उन्होंने कहा, “बहुजन समाज के करोड़ों गरीबों, शोषितों-पीड़ितों एवं उपेक्षितों को आत्म-सम्मान और स्वाभिमान का जीवन दिलाने के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित करने वाले कांशीराम को अब और देरी किए बिना भारत रत्न दिया जाना चाहिए। यह करोड़ों समर्थकों की भावना है।”
मायावती की यह मांग बसपा के लिए एक पुरानी और लगातार उठाई जाने वाली मांग है, जिसे उन्होंने इस राष्ट्रीय अवसर पर फिर से जोर देकर रखा।यह बयान ऐसे समय आया है जब देश पूरे उत्साह से 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है, और विभिन्न नेता संविधान, लोकतंत्र और राष्ट्रीय एकता पर अपने विचार व्यक्त कर रहे हैं।































