पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बीच राजनीतिक ‘वाकयुद्ध’ एक बार फिर चरम पर है। साल 2021 के विधानसभा चुनाव के दौरान ममता बनर्जी को लगी पैर की चोट पर अमित शाह की हालिया टिप्पणी ने राज्य की राजनीति में भूचाल ला दिया है।
ममता बनर्जी ने इस पर तीखा पलटवार करते हुए कहा है कि अगर गृह मंत्री को उनकी चोट पर शक है, तो उन्हें डॉक्टर की रिपोर्ट देख लेनी चाहिए। एक जनसभा को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने अमित शाह के बयानों पर कड़ा ऐतराज जताया।
उन्होंने कहा, “अमित शाह को अगर मेरी चोट की गंभीरता पर संदेह है, तो वे मेरी मेडिकल रिपोर्ट मंगाकर देख लें। उन्हें पता चल जाएगा कि वह चोट कितनी गहरी थी। मैं अपने जीवन में कई बार मौत के मुंह से वापस लौटी हूं, मैं डरने वालों में से नहीं हूं।”
दरअसल, 2021 के बंगाल चुनाव के दौरान नंदीग्राम में चुनाव प्रचार करते समय ममता बनर्जी के पैर में गंभीर चोट लगी थी। इसके बाद उन्होंने पूरे चुनाव अभियान में व्हीलचेयर पर बैठकर प्रचार किया था। हाल ही में अमित शाह ने एक रैली के दौरान इस घटना की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए थे, जिसे तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने मुख्यमंत्री का अपमान बताया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस विवाद के दोबारा उभरने से बंगाल में एक बार फिर ‘सहानुभूति की राजनीति’ तेज हो सकती है, जिसका फायदा चुनाव में TMC को मिलता रहा है।















