पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ से एक रूह कंपा देने वाली खबर सामने आई है। लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र के किदवई नगर में 23 फरवरी की रात एक रिहायशी मकान में भीषण आग लगने से एक ही परिवार के छह सदस्यों की जलकर मौत हो गई। मृतकों में 30 वर्षीय महिला और उसके पांच मासूम बच्चे शामिल हैं। इस हृदयविदारक घटना ने न केवल इलाके को शोक में डुबो दिया है, बल्कि घनी आबादी वाले क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय निवासियों के अनुसार, यह दर्दनाक हादसा 23 फरवरी की देर रात करीब 8:30 बजे हुआ। कपड़ा व्यापारी आसिम का परिवार उस समय घर पर था, जबकि पुरुष सदस्य रोजे की नमाज पढ़ने के लिए मस्जिद गए हुए थे। प्राथमिक जानकारी के अनुसार, घर में रखे कपड़ों के स्टॉक में संभवतः शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लगी।
देखते ही देखते आग की लपटों ने विकराल रूप धारण कर लिया और घर के निचले हिस्से में बने गोदाम को अपनी चपेट में ले लिया। आग की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग बचाव कार्य के लिए दौड़े, लेकिन धुएं के गुबार और आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि घर के भीतर फंसे लोगों तक पहुंचना नामुमकिन हो गया।
घटना के समय घर में मौजूद 30 वर्षीय रुखसार ने बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने की भरपूर कोशिश की। हालांकि, धुएं और आग के कारण बच्चे बेहोश हो गए और रुखसार भी उन्हें बचाने में असफल रहीं। स्थानीय लोगों का कहना है कि आग इतनी तेजी से फैली कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
इस हादसे में एक 12 वर्षीय बेटी सुरक्षित बच गई है, क्योंकि वह उस समय अपनी नानी के घर गई हुई थी। घर लौटकर जब उसने अपने परिवार के साथ हुई इस अनहोनी की खबर सुनी, तो वह सदमे में है। पूरा इलाका इस खबर से गमगीन है।
हादसे के दौरान बचाव कार्य में सबसे बड़ी बाधा इलाके की तंग गलियाँ बनीं। दमकल विभाग की गाड़ियों को घटनास्थल तक पहुंचने के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ी। यदि गली चौड़ी होती, तो शायद दमकल की गाड़ियाँ समय रहते आग पर काबू पा लेतीं और कुछ जिंदगियाँ बचाई जा सकती थीं।
सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर तो काबू पा लिया गया, लेकिन तब तक छह जिंदगियां काल के गाल में समा चुकी थीं। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा था, जिसके बाद सभी का अंतिम संस्कार (दफन) कर दिया गया है।
इस हृदयविदारक घटना के बाद किदवई नगर में मातम पसरा हुआ है। आस-पास के लोगों का कहना है कि उन्होंने ऐसा मंजर पहले कभी नहीं देखा। प्रशासन ने इस मामले की गहन जांच के आदेश दिए हैं ताकि भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाओं को रोका जा सके।


















