पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की सरगर्मियों के बीच बीजेपी के दिग्गज नेता और फिल्म स्टार मिथुन चक्रवर्ती ने एक ऐसा बयान दिया है जिसने राज्य के सियासी गलियारों में खलबली मचा दी है। ममता बनर्जी पर सीधा हमला बोलते हुए मिथुन ने बंगाल की जनता को आगाह किया कि यह चुनाव सिर्फ सत्ता का नहीं, बल्कि उनके भविष्य और अस्तित्व का है।
मिथुन चक्रवर्ती ने बेहद भावुक और सख्त लहजे में कहा कि अगर इस बार भी टीएमसी सत्ता में लौटती है, तो बंगाल के हालात बदल जाएंगे। उन्होंने कहा अगर ममता बनर्जी दोबारा सत्ता में आईं, तो जनता के साथ हमें भी यहाँ से भगा दिया जाएगा। मैं तो मुंबई चला जाऊंगा, मेरे पास विकल्प है, लेकिन बाकी लोग कहां जाएंगे? पूरी दुनिया में हिंदुओं के लिए सिर्फ यही एक देश है। अगर आप खुद को सुरक्षित देखना चाहते हैं, तो भाजपा को वोट दें।
बीजेपी की ‘एंटी-माइनॉरिटी’ छवि पर जवाब देते हुए मिथुन ने स्पष्ट किया कि पार्टी किसी धर्म के खिलाफ नहीं है। बीजेपी उन मुस्लिमों के खिलाफ है जो देश को क्षति पहुँचाना चाहते हैं, न कि आम नागरिकों के। मिथुन ने सवाल उठाया कि ममता बनर्जी उन लोगों के लिए क्यों लड़ रही हैं जो इस देश के नागरिक ही नहीं हैं? उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब सिर्फ वोट बैंक की राजनीति के लिए हो रहा है।
ममता बनर्जी के उस डर पर कि ‘बीजेपी तय करेगी कि लोग क्या खाएंगे’, मिथुन ने पलटवार करते हुए कहा बीजेपी 21 राज्यों में सरकार चला रही है, वहां लोग अपनी पसंद का खाना (मछली, चिकन) खा रहे हैं। कुछ खास धार्मिक क्षेत्रों में पाबंदियां परंपराओं के सम्मान के लिए हैं, जिसे राजनीति का मुद्दा बनाना गलत है।
मिथुन ने पिछले चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि बीजेपी नैतिक रूप से जीत चुकी है। उन्होंने 44,000 वोट कैंसिल होने की बात उठाते हुए कहा कि बीजेपी संविधान के मुताबिक सत्ता में आना चाहती है, बेईमानी करके नहीं।
मिथुन चक्रवर्ती का यह बयान सीधे तौर पर बंगाल के हिंदू वोटर्स को गोलबंद करने की कोशिश माना जा रहा है। “मैं तो मुंबई चला जाऊंगा” वाले जुमले के जरिए उन्होंने स्थानीय जनता के मन में असुरक्षा और भविष्य की चिंता को उभारने का बड़ा दांव खेला है।















