प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा का जवाब दे रहे थे। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि आज पूरी दुनिया कई चुनौतियों का सामना कर रही है। एक नया विश्व व्यवस्था आकार ले रही है और इस बदलते वैश्विक परिदृश्य में दुनिया की नजरें भारत पर टिकी हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं और युवाओं का सशक्तिकरण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस दौरान विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर दिया। आइए जानते हैं प्रधानमंत्री के भाषण से जुड़े अहम अपडेट्स—
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गांधी परिवार पर अब तक का सबसे तीखा हमला करते हुए कहा कि “चोरी करना उनका पुश्तैनी पेशा बन चुका है।” पीएम ने आरोप लगाया कि सत्ता हासिल करने के लिए उन्होंने महात्मा गांधी का सरनेम तक अपना लिया, ताकि अपनी कमियों को छिपाकर देश की जनता को भ्रमित किया जा सके।
पीएम मोदी ने राहुल गांधी पर बीजेपी नेता रवनीत सिंह बिट्टू को ‘गद्दार’ कहने को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, “कल एक चालाक दिमाग वाले युवराज ने एक सांसद को गद्दार कह दिया। उनके अहंकार को देखिए। एक सिख सांसद को सिर्फ इसलिए गद्दार कहा गया क्योंकि वह सिख है, और इसके लिए उन्हें कोई पछतावा भी नहीं है।”
राज्यसभा में बोलते हुए प्रधानमंत्री ने विपक्ष के व्यवहार पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि निराशा को समझा जा सकता है, लेकिन क्या यह लोकतंत्र के पवित्र मंदिर को तमाशा बना देने का औचित्य देता है? उन्होंने बताया कि जब असम के एक सम्मानित सांसद सदन की अध्यक्षता कर रहे थे, तब टेबल पर कागज़ फेंके गए, जो पूर्वोत्तर का अपमान है। इसी तरह, जब आंध्र प्रदेश के एक दलित परिवार के बेटे ने सदन की अध्यक्षता की, तब भी उनका अपमान किया गया। पीएम ने कहा कि इस तरह का आचरण न सिर्फ पूर्वोत्तर बल्कि दलित समाज का भी अपमान है। उन्होंने भारत रत्न भूपेन हजारिका पर की गई टिप्पणी को भी दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि विपक्ष ने जनता की भावनाओं का कोई सम्मान नहीं किया।
विपक्ष पर हमला जारी रखते हुए पीएम मोदी ने कहा कि जो लोग ‘मोहब्बत की दुकान’ खोलने की बात करते हैं, वही मोदी की कब्र खोदने के सपने देख रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि यह कौन से संस्कार हैं। पीएम ने कहा कि जो खुद को राजा समझते हैं, वही आर्थिक असमानता की बातें कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि घुसपैठियों का समर्थन करने वालों को देश का युवा कभी माफ नहीं करेगा, क्योंकि घुसपैठिए युवाओं की आज़ादी और रोज़गार छीन रहे हैं, और विपक्ष उनके लिए सुरक्षा कवच बना हुआ है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि विपक्षी दलों ने आदिवासियों, महिलाओं और देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद का अपमान किया है। उन्होंने पंडित नेहरू और इंदिरा गांधी के बयानों का हवाला देते हुए सवाल किया कि देश की जनता को ‘समस्या’ कैसे कहा जा सकता है। पीएम मोदी ने कहा, “अगर देश में 80 करोड़ लोग हैं, तो हमारे पास 80 करोड़ समाधान हैं। यही हमारे और कांग्रेस के सोच का फर्क है।” उन्होंने कहा कि विपक्ष को संविधान पर बोलने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है, क्योंकि उनके आचरण से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जैसी आदिवासी महिला का भी अपमान हुआ है।
कांग्रेस पर विकास को लेकर निशाना साधते हुए पीएम मोदी ने असम के गोगी ब्रिज का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने सिर्फ सपना देखा, जबकि उनकी सरकार ने उसे पूरा करके दिखाया। पीएम ने कहा कि कांग्रेस केवल कल्पना करती है, ज़मीन पर काम नहीं करती।

































