उत्तर प्रदेश में सहायक आचार्य (असिस्टेंट प्रोफेसर) भर्ती परीक्षा 2025 को योगी आदित्यनाथ सरकार ने 7 जनवरी 2026 को पूरी तरह रद्द कर दिया। यह परीक्षा उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) द्वारा विज्ञापन संख्या-51 के तहत अप्रैल 2025 में 16-17 तारीख को आयोजित की गई थी। इसमें करीब 1,000 से अधिक पदों के लिए लाखों अभ्यर्थी शामिल हुए थे।
मुख्य वजह पेपर लीक, गंभीर अनियमितताएं और अवैध धन वसूली के पुख्ता सबूत हैं। यूपी एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) की गोपनीय जांच में बड़े पैमाने पर धांधली का खुलासा हुआ। जांच में मास्टरमाइंड महबूब अली (पूर्व गोपनीय सहायक), बैजनाथ पाल और विनय पाल सहित कई आरोपी गिरफ्तार हुए। महबूब अली ने कबूल किया कि मॉडरेशन प्रक्रिया के दौरान प्रश्नपत्र निकालकर अभ्यर्थियों को बेचे। फर्जी पेपर बनाकर ठगी का खेल चल रहा था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अभ्यर्थियों के उज्ज्वल भविष्य और परीक्षा की शुचिता को ध्यान में रखते हुए तुरंत निरस्त करने के आदेश दिए। सरकार ने UPESSC को निर्देश दिया कि जल्द से जल्द पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और सुरक्षित तरीके से नई परीक्षा आयोजित की जाए। सीएम ने स्पष्ट कहा कि युवाओं की मेहनत से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति है और सख्त कार्रवाई होगी।
यह फैसला प्रदेश में भर्ती प्रक्रियाओं को स्वच्छ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। अभ्यर्थियों को सलाह है कि वे UPESSC की आधिकारिक वेबसाइट uphesc.org या upsessb.pariksha.nic.in पर नई तिथियों और अपडेट्स का इंतजार करें। सरकार की यह कार्रवाई युवाओं का भविष्य सुरक्षित करने और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने का संदेश देती है। नई परीक्षा की घोषणा शीघ्र होने की उम्मीद है।










