एक तरफ देश में IPL 2026 की दीवानगी सिर चढ़कर बोल रही है, वहीं आंध्र प्रदेश से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने खेल की दुनिया को झकझोर कर रख दिया है। विशाखापट्टनम में क्रिकेट मैच के दौरान रन आउट के मामूली फैसले पर छिड़ा विवाद इतना हिंसक हो गया कि 21 वर्षीय अंपायर को अपनी जान गंवानी पड़ी।
मिली जानकारी के अनुसार, रविवार को एक लोकल क्रिकेट मैच खेला जा रहा था, जिसमें डोला अजीत बाबू और उनके दोस्त बुडूमुरी चिरंजीवी अंपायरिंग की जिम्मेदारी निभा रहे थे। खेल के दौरान एक रन आउट के फैसले को लेकर खिलाड़ियों के बीच तीखी बहस हो गई।
अंपायरों ने तत्परता दिखाते हुए बीच-बचाव किया और स्थिति को शांत करा दिया। लेकिन, मैच देखने आए कांता किशोर नाम के एक दर्शक को यह फैसला रास नहीं आया और उसने अंपायरों के साथ बदसलूकी शुरू कर दी।
पुलिस जांच के अनुसार, मैच खत्म होने के बाद 26 वर्षीय आरोपी कांता किशोर ने मामले को सुलझाने के बहाने अंपायरों को एक सुनसान जगह पर बुलाया। अजीत बाबू और चिरंजीवी अपने दोस्तों के साथ जैसे ही वहां पहुंचे, कांता किशोर ने अचानक चाकू निकाला और दोनों अंपायरों पर जानलेवा हमला कर दिया।
हमला इतना भयावह था कि 21 वर्षीय डोला अजीत बाबू को छाती में सीधा चाकू मारा गया, जिससे वह मौके पर ही खून से लथपथ होकर गिर पड़े। इस दौरान उन्हें बचाने आए चिरंजीवी और एक अन्य व्यक्ति भी गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना के तुरंत बाद घायलों को पास के निजी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन अजीत बाबू की नाजुक स्थिति को देखते हुए उन्हें अपोलो अस्पताल रेफर कर दिया गया। दुर्भाग्यवश, इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
सीनियर पुलिस अधिकारी मल्लेश्वरा राव ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच तेज कर दी है। खेल के मैदान पर हुई इस निर्मम हत्या ने स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है।














