बांग्लादेश के संसदीय चुनाव में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की बड़ी जीत के बाद भारत की ओर से औपचारिक प्रतिक्रिया सामने आ गई है। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने BNP नेता तारिक रहमान को जीत की बधाई देते हुए कहा कि यह परिणाम उनके नेतृत्व पर बांग्लादेश की जनता के विश्वास को दर्शाता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में कहा कि “भारत हमेशा एक लोकतांत्रिक, प्रगतिशील और समावेशी बांग्लादेश के समर्थन में खड़ा रहेगा। हम मिलकर दोनों देशों के साझा विकास और क्षेत्रीय स्थिरता के लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
पीएम मोदी ने कहा कि चुनाव परिणाम साफ तौर पर यह दिखाते हैं कि बांग्लादेश की जनता ने परिवर्तन और नई दिशा के लिए मतदान किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत और बांग्लादेश के बीच दशकों से चली आ रही साझेदारी नई सरकार के साथ और मजबूत होगी।
भारत और बांग्लादेश के रिश्ते ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक रूप से गहरे रहे हैं। हाल के वर्षों में कनेक्टिविटी, व्यापार, ऊर्जा सहयोग और सीमा प्रबंधन जैसे मुद्दों पर दोनों देशों के बीच महत्वपूर्ण समझौते हुए हैं।
पीएम मोदी ने अपने संदेश में संकेत दिया कि नई सरकार के साथ मिलकर द्विपक्षीय व्यापार को नई ऊंचाई दी जाएगी। सीमा और सुरक्षा सहयोग को और सुदृढ़ किया जाएगा। क्षेत्रीय मंचों पर समन्वय बढ़ाया जाएगा। इसके साथ ही बुनियादी ढांचा और कनेक्टिविटी परियोजनाओं को गति दी जाएगी।
BNP की इस जीत को दक्षिण एशिया की राजनीति में एक बड़े बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि नई सरकार की विदेश नीति, खासकर भारत के साथ संबंधों को लेकर शुरुआती कदम बेहद अहम होंगे। भारत की ओर से तत्काल बधाई संदेश यह संकेत देता है कि नई दिल्ली ढाका के साथ रिश्तों में निरंतरता और स्थिरता बनाए रखना चाहती है, चाहे सत्ता में कोई भी दल हो।
अब नजर इस बात पर रहेगी कि नई सरकार शपथ ग्रहण के बाद भारत के साथ कूटनीतिक और आर्थिक एजेंडे को किस तरह आगे बढ़ाती है। दोनों देशों के बीच सहयोग का दायरा व्यापार, ऊर्जा, रक्षा, शिक्षा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान तक फैला हुआ है। प्रधानमंत्री मोदी का यह संदेश स्पष्ट करता है कि भारत “पड़ोसी पहले” नीति के तहत बांग्लादेश के साथ साझेदारी को प्राथमिकता देता रहेगा।





















