नई दिल्ली: वेदांता ग्रुप के चेयरमैन और माइनिंग टाइकून अनिल अग्रवाल के इकलौते बेटे अग्निवेश अग्रवाल का 8 जनवरी 2026 को अमेरिका में निधन हो गया। वे मात्र 49 वर्ष के थे। अनिल अग्रवाल ने खुद सोशल मीडिया पर इस दुखद खबर की घोषणा की और इसे अपनी जिंदगी का “सबसे काला दिन” बताया। अग्निवेश की मौत का कारण अमेरिका में स्कीइंग दुर्घटना के बाद रिकवरी के दौरान अचानक कार्डियक अरेस्ट बताया जा रहा है।अनिल अग्रवाल ने इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा, “आज मेरी जिंदगी का सबसे अंधेरा दिन है। मेरा प्यारा बेटा अग्निवेश चला गया। वह सिर्फ 49 साल का था, स्वस्थ था, जिंदगी और सपनों से भरा हुआ। अमेरिका में स्कीइंग एक्सीडेंट के बाद वह माउंट सिनाई हॉस्पिटल में अच्छे से रिकवर कर रहा था, लेकिन अचानक कार्डियक अरेस्ट से सब खत्म हो गया।” उन्होंने आगे कहा कि बेटे से किया वादा पूरा करेंगे – अपनी कमाई का 75% समाज को दान करेंगे।
अग्निवेश अग्रवाल वेदांता ग्रुप से जुड़े थे और कुछ कंपनियों में डायरेक्टर थे, जैसे तलवंडी साबो पावर लिमिटेड। वे लंदन में रहते थे और परिवार के साथ समय बिताना पसंद करते थे। अनिल अग्रवाल के दो बच्चे हैं – बेटी प्रिया और बेटा अग्निवेश। अनिल अग्रवाल, जो बिहार के पटना से निकलकर स्क्रैप बिजनेस से अरबपति बने, अक्सर परिवार को अपनी सफलता की प्रेरणा बताते थे।इस दुखद घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी संवेदना व्यक्त की। पीएम मोदी ने कहा, “अनिल अग्रवाल जी के पुत्र अग्निवेश के निधन की खबर गहरा सदमा देने वाली है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और परिवार को इस दुख सहने की शक्ति दें।” कई उद्योगपतियों, राजनेताओं और सेलिब्रिटी ने श्रद्धांजलि दी। बिहार के नेताओं ने भी इसे व्यक्तिगत क्षति बताया।
अग्निवेश का निधन न केवल परिवार के लिए, बल्कि भारतीय उद्योग जगत के लिए बड़ा झटका है। अनिल अग्रवाल ने कहा, “कोई शब्द इस दर्द को बयान नहीं कर सकते।” परिवार फिलहाल शोक में है और अंतिम संस्कार की细节 अभी सामने नहीं आई हैं।यह घटना हमें याद दिलाती है कि जीवन कितना अनिश्चित है। अग्निवेश जैसे युवा और स्वस्थ व्यक्ति का अचानक चले जाना सबको स्तब्ध कर गया है। वेदांता ग्रुप की ओर से अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया, लेकिन कंपनी शेयर बाजार में स्थिर रही।










