संजय निषाद के विवादित बयान पर मचा बवाल, वीडियो जारी कर दी सफाईबिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद राजनीतिक घमासान मच गया है। 15 दिसंबर 2025 को पटना में आयुष डॉक्टरों को नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम के दौरान नीतीश कुमार ने एक मुस्लिम महिला डॉक्टर नुसरत परवीन का हिजाब (नकाब) खींच दिया। वीडियो में दिख रहा है कि नीतीश ने महिला से हिजाब के बारे में पूछा और फिर खुद इसे नीचे खींच दिया। इस घटना की विपक्षी पार्टियों ने तीव्र निंदा की, इसे महिलाओं की गरिमा और धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन बताया।इस विवाद में उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी अध्यक्ष संजय निषाद भी घिर गए। एक स्थानीय चैनल को दिए इंटरव्यू में संजय निषाद ने नीतीश कुमार का बचाव करते हुए कहा, “वो भी तो आदमी ही हैं ना… नकाब छू दिया तो इतना हल्ला क्यों? कहीं और छू देते तो क्या होता?” यह बयान बेहद आपत्तिजनक माना गया, क्योंकि इसमें महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला संकेत था। सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक इसकी आलोचना हुई।
समाजवादी पार्टी की नेता सुमैया राणा ने लखनऊ में नीतीश कुमार और संजय निषाद दोनों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई, मांग की कि एफआईआर हो।विवाद बढ़ते देख संजय निषाद ने 16 दिसंबर को सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर सफाई दी। उन्होंने कहा कि उनका बयान हंसते-बोलते सहज भाव से और स्थानीय भोजपुरी लहजे में था, जिसे जानबूझकर तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया। “किसी समुदाय, महिला या धर्म को ठेस पहुंचाने का कोई इरादा नहीं था। अगर किसी को बुरा लगा तो मैं अपनी बात वापस लेता हूं।” कुछ रिपोर्ट्स में उन्हें माफी मांगते भी बताया गया।यह घटना महिलाओं के सम्मान, धार्मिक स्वतंत्रता और नेताओं के बयानों की जिम्मेदारी पर बड़ा सवाल उठाती है। विपक्ष इसे NDA की महिलाओं और अल्पसंख्यकों के प्रति सोच का प्रमाण बता रहा है, जबकि संजय निषाद ने इसे गलतफहमी करार दिया।