उत्तर प्रदेश एसटीएफ को 20-21 दिसंबर की रात मुखबिर से सूचना मिली थी कि सुल्तानपुर जिले में हत्या के मामले में वांछित और एक लाख रुपये के इनामी शूटर सिराज अहमद (पुत्र मंसूर अहमद, निवासी लोलेपुर, थाना कोतवाली नगर, सुल्तानपुर) किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के इरादे से पंजाब-हरियाणा बॉर्डर से होते हुए सहारनपुर के गंगोह क्षेत्र में पहुंचा है।एसटीएफ टीम ने क्षेत्र में घेराबंदी की। रविवार तड़के करीब 6 बजे जब पुलिस ने सिराज को घेरा, तो उसने पुलिस पार्टी पर फायरिंग शुरू कर दी। आत्मरक्षा में पुलिस ने जवाबी फायरिंग की, जिसमें सिराज गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मौके से पुलिस ने एक मोटरसाइकिल, दो पिस्टल (30 बोर और 32 बोर), भारी मात्रा में जिंदा व खाली कारतूस, चार मोबाइल फोन, वाई-फाई डोंगल, एक छोटा बैग और आधार कार्ड सहित अन्य कागजात बरामद किए। सिराज पर हत्या, हत्या के प्रयास, रासुका जैसी गंभीर धाराओं में करीब 30 मुकदमे विभिन्न जिलों में दर्ज थे।
बुलंदशहर एनकाउंटर: 50 हजार का इनामी डकैत जुबैर उर्फ पीटर मारा गया
बुलंदशहर में सुबह करीब 3 बजे कोतवाली देहात और गुलावठी थाना पुलिस की संयुक्त टीम स्याना रोड पर चेकिंग कर रही थी। इस दौरान एक मोटरसाइकिल पर दो संदिग्ध व्यक्ति आते दिखे। पुलिस ने उन्हें रुकने का इशारा किया, लेकिन बदमाशों ने फायरिंग करते हुए भागने की कोशिश की।पुलिस ने अन्य थानों को सूचना दी और शेल्टन बंबा रोड पर आगे से घेराबंदी कर ली। दोनों तरफ से घिरते देख बदमाशों ने फिर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में एक गोली मोटरसाइकिल सवार मुख्य बदमाश जुबैर उर्फ पीटर (35, निवासी लिसाड़ी गेट, मेरठ) को लगी। वह गंभीर रूप से घायल हो गया और अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
इस गोलीबारी में एक सिपाही भी घायल हुआ, जिसका इलाज चल रहा है। अंधेरे का फायदा उठाकर जुबैर का साथी भागने में सफल रहा। जुबैर पर लूट, डकैती, चोरी और गैंगस्टर एक्ट सहित 47 गंभीर मामले दर्ज थे। हालिया घटनाओं में 2 नवंबर 2025 को कोतवाली देहात क्षेत्र में लूट और 7 अक्टूबर 2025 को गुलावठी क्षेत्र में बकरा फार्म से चोरी शामिल है। पुलिस ने उसे पकड़ने के लिए 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।एसएसपी बुलंदशहर दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि जुबैर लंबे समय से फरार चल रहा था और कई थानों में वांछित था।ये दोनों एनकाउंटर योगी सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का हिस्सा हैं, जिसके तहत अपराधियों पर लगातार शिकंजा कसा जा रहा है।








