उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के पांचवें दिन सदन का माहौल उस समय गरमा गया, जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान विपक्ष पर तीखा हमला बोला। सीएम योगी ने अपने संबोधन में राष्ट्रवाद और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर विपक्षी दलों, खासकर समाजवाजी पार्टी और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। सीएम योगी ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वे राष्ट्रद्रोहियों का महिमामंडन करते हैं और समाज को गुमराह करने का प्रयास करते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि “जो लोग बाबर की कब्र पर सजदा करते हैं और वंदे मातरम् का विरोध करते हैं, उन्हें देश की भावना समझनी चाहिए।” उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ विपक्षी नेताओं ने ‘वंदे मातरम्’ नहीं गाने की बात कही है, जो राष्ट्र का अपमान है। सीएम योगी ने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल को ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। उनके मुताबिक, “जो वंदे मातरम् का विरोध करता है, उसे हिंदुस्तान की धरती पर रहने का अधिकार नहीं होना चाहिए।”
उन्होंने आरोप लगाया कि सपा ने माफियाओं को संरक्षण दिया और उन्हें “गले का हार” बनाया। सीएम ने कहा कि आज वही लोग समाज में विद्वेष फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।
सीएम योगी ने कहा कि अपराधी अपराधी होता है। सरकार ने पहले दिन जीरो टॉलरेंस की नीति की बात कही थी और सरकार आज भी अपने जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत ही चल रही है। अपराध कोई भी करेगा तो अपराध कानून उसको अपनी गिरफ्त में लेगा। 2017 के पहले क्या था? सत्ता के संरक्षण में पल्ले गुंडे और माफिया। ये समानांतर सरकार चला रहे थे। गुंडा टैक्स, अवैध वसूली, वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया की प्रवृत्ति को आगे बढ़ा रही थी। कानून चंद हाथों की जागीर बन चुकी थी। कर्फ्यू और दंगा आम बात हो गई थी।
सीएम के बयान के बाद सदन में हंगामे की स्थिति भी बनी रही। विपक्षी सदस्यों ने सरकार पर आरोप लगाए, जबकि सत्तापक्ष ने मुख्यमंत्री के बयान का समर्थन किया।





















