नोएडा की चमचमाती सड़कों और हाईटेक दावों के बीच अपराध का ग्राफ थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार सुबह थाना ईकोटेक प्रथम क्षेत्र के लुक्सर गांव में उस वक्त दहशत फैल गई, जब कोर्ट पेशी के लिए जा रहे नितिन नागर पर करीब 8 से 10 बदमाशों ने घेरकर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। करीब 10-12 राउंड हुई फायरिंग और चाकू के वार से नितिन की मौके पर ही मौत हो गई।
यह पूरी वारदात गली में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जो रोंगटे खड़े कर देने वाली है। फुटेज में दिखा कि हमलावरों ने नितिन का पीछा करते हुए गोलियां चलाईं। जान बचाने के लिए भागता हुआ नितिन गली में खेल रहे बच्चों से जा टकराया, जिससे एक बच्चा उछलकर दूर जा गिरा। गनीमत रही कि किसी बच्चे को गोली नहीं लगी, वरना यह वारदात और भी भीषण हो सकती थी।
नितिन के परिजनों ने बताया कि सोमवार को ही उसके घर में बेटे के जन्म का जश्न मनाया गया था। घर में खुशियों का माहौल था, लेकिन हमलावरों ने इसे मातम में बदल दिया। मृतक के दो छोटे बच्चे हैं (4 साल और 2 साल)। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बदमाशों ने न केवल गोलियां चलाईं, बल्कि सामने से गर्दन पर चाकू से भी वार किया। जब नितिन की मां उसे बचाने दौड़ीं, तो बदमाशों ने उन्हें भी हथियार दिखाकर डराया।
नितिन के करीबियों का आरोप है कि हमलावर पक्ष (राजेश और अन्य) उन्हें लंबे समय से धमकी दे रहे थे, जिसकी शिकायत चौकी पर भी की गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस जांच के अनुसार, करीब एक साल पहले हमलावर पक्ष के एक व्यक्ति की हत्या हुई थी, जिसमें नितिन मुख्य आरोपी था। नितिन पिछले साल रक्षाबंधन से पहले जमानत पर बाहर आया था। मंगलवार को उसी मामले में उसकी कोर्ट में पेशी थी।
घटना से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। परिजनों का कहना है कि कमिश्नरेट होने के बावजूद गौतमबुद्ध नगर में अपराध चरम पर है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तर्ज पर दोषियों के खिलाफ ‘बुलडोजर और एनकाउंटर’ वाली सख्त कार्रवाई की मांग की है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। एडीसीपी सुधीर कुमार ने बताया कि “पुरानी रंजिश को लेकर फायरिंग हुई थी। नितिन को अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मृत्यु हो गई। इस मामले में दो लोगों को हिरासत में ले लिया गया है और अन्य आरोपियों की तलाश के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं।


















